शिकायतकर्ता ने कहा, उसकी (गवाह) झूठी गवाही और उसके अपराध को देखते हुए मामले में स्वतंत्र जांच की दरकार है। एकमात्र गवाह होने के नाते उसकी गवाही ने मामले के निर्णय को बेहद प्रभावित किया, जिसके कारण आरोपियों को मृत्युदंड की सजा हुई।
इन खबरों का हवाला देते हुए वकील ने कहा कि उक्त तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर यह साफ हो गया है तथा उसका व्यवहार यह साफ-साफ दर्शाता है कि उसकी गवाही झूठी एवं मनगढ़ंत है... उसकी गवाही में यह सबसे महत्वपूर्ण बात है और अगर यह प्रमाणित होता है तो इससे यह साबित होगा कि उसकी गवाही वास्तव में झूठी है।