तिहाड़ जेल में गुरुवार को जल्लाद ने एक बार फिर डमी से फांसी का ट्रायल किया। ट्रायल के दौरान जेल के अधिकारी भी मौजूद रहे। जेल सूत्रों के अनुसार ट्रायल करने के बाद जल्लाद ने उन रस्सियों को मोम और मक्खन से मुलायम करने के बाद एक बॉक्स में सुरक्षित रख दिया। शुक्रवार को इसी रस्सी से बने फंदे से दोषियों को फांसी पर लटकाया जाएगा। ट्रायल के दौरान सारी प्रक्रियाओं की गई, जिसे फांसी के दिन किया जाना है।
फांसी के दिन किसी तरह की दिक्कत न हो इसलिए जेल प्रशासन ने इस बार जल्लाद को 17 मार्च को ही तिहाड़ जेल बुला लिया था। ताकि फांसी से पहले बुधवार और गुरुवार को फांसी का ट्रायल किया जा सके। तड़के तय समय पर जल्लाद के अलावा फांसी के दौरान मौजूद रहने वाले सभी जेल अधिकारी व जेल कर्मी फांसी घर के पास पहुंच गए और फिर पूरी प्रक्रिया को अपनायी गई।
इससे पूर्व दोषियों का मेडिकल जांच करने के दौरान उनके गले का माप और वजन लिया गया और फिर जल्लाद और जेलकर्मियों ने डमी को तैयार किया। दोषियों के सेल से चार कर्मचारियों को फांसी घर तक ले जाया गया और फिर तय समय पर जेल अधीक्षक का इशारा होते ही जल्लाद ने लीवर खींचकर डमी को फांसी दे दी। जेल अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा।