निर्भया के दोषी सुप्रीम, हाई और कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिकाएं लंबित होने के आधार पर फांसी टलवाने के लिए एक बार फिर मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट का रुख करेंगे। इससे पहले भी पटियाला हाउस कोर्ट कानूनी विकल्पों के आधार पर तीन अलग-अलग डेथ वारंट स्थगित कर चुका है।
हालांकि, दोषियों के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं, लेकिन कानून के अन्य पहलुओं के प्रयोग के जरिये पवन, विनय और मुकेश फिर से फांसी को टलवाने के प्रयास कर रहे हैं। पटियाला हाउस के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने दोषियों के खिलाफ पांच मार्च को चौथा डेथ वारंट जारी कर दोषियों की फांसी की तारीख 20 मार्च मुकर्रर की है।
पवन की मारपीट की याचिका पर कोर्ट ने 8 अप्रैल तक मांगी है रिपोर्ट
दोषी पवन ने 11 मार्च को कड़कड़डूमा कोर्ट में मंडोली जेल के दो पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए याचिका दायर की है।
याचिका के आधार पर न्यायाधीश ने 12 मार्च को जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर आरोपी पुलिसकर्मियों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 8 अप्रैल तक मांगी है। याचिका में दोषी पवन ने आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मियों द्वारा की गई मारपीट में उसके सिर पर गंभीर चोट लगी है। नियम है कि अगर किसी दोषी की कोई भी याचिका लंबित है तो ऐसी स्थिति में फांसी नहीं दी जा सकती।
विनय ने दया याचिका खारिज होने के फैसले को दी है चुनौती
निर्भया के दोषी विनय शर्मा ने 13 मार्च को हाईकोर्ट में अपनी दया याचिका खारिज होने के फैसले को चुनौती दी। याचिका में दोषी विनय के वकील ने दावा किया कि एक फरवरी 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उनके मुवक्किल की दया याचिका खारिज किए जाने में प्रक्रियागत खामियां और सांविधानिक अनियमितताएं थीं।
उन्होंने दावा किया कि दया याचिका खारिज करने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजी गई अनुशंसा में दिल्ली के गृह विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन के हस्ताक्षर नहीं हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दया याचिका खारिज करने के लिए इस्तेमाल की गईं शक्तियां अवैध, असांविधानिक, न्यायिक विफलता और भारत के निर्वाचन आयोग के सांविधानिक मूल्यों की विफलता है। याचिका पर फांसी की तारीख से पहले चार दिनों में सुनवाई हो सकती है।
मुकेश ने फिर से मांगी है दया और क्यूरेटिव याचिका दायर करने की अनुमति
निर्भया के तीसरे दोषी मुकेश ने अपने वकील एमएल शर्मा के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में फिर से क्यूरेटिव और दया याचिका दायर करने की अनुमति लेने के लिए याचिका दायर की है। इसमें मुकेश ने एमिकस क्यूरी वृंदा ग्रोवर पर कानूनी उपचारों के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है।
याचिका में कहा है कि ग्रोवर ने 7 जनवरी को जारी हुए डेथ वारंट के बाद एक सप्ताह के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर करने के लिए मजबूर किया था, जबकि उसे इस बारे में जानकारी नहीं दी गई कि जुलाई 2018 में रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद वह तीन साल के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर कर सकता है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी, अगर इस याचिका पर सुनवाई के लिए 20 मार्च के बाद की तारीख तय होती है तो भी डेथ वारंट स्थगित होने की संभावना बढ़ सकती है।
फिर से करेंगे पटियाला हाउस कोर्ट में अपील : एपी सिंह
निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि याचिकाएं लंबित होने की स्थिति में पटियाला हाउस कोर्ट में फांसी को कानूनी तौर स्थगित किया जाना चाहिए। इसलिए वह सभी तर्कों को मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में रखेंगे, चूंकि जब तक दोषियों की याचिकाओं का निपटारा नहीं होता तब तक फांसी नहीं दी जा सकती।