फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस्राइल दूतावास बम धमाका: एनआईए ने मामले में दोबारा दर्ज किया केस

Mon, 02 Aug 2021 09:19 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इस साल की शुरुआत में इस्राइली दूतावास के पास हुए बम धमाके में एनआईए ने एक और केस दर्ज किया है। बता दें कि इस साल 29 जनवरी को दिल्ली स्थित इस्राइली दूतावास में धमाका हुआ था जिसकी जांच अब एनआईए कर रही है।
विज्ञापन
israel embassy blast - फोटो : शुभम बंसल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस साल की शुरुआत में इस्राइली दूतावास के पास हुए बम धमाके में एनआईए ने एक और केस दर्ज किया है। बता दें कि इस साल 29 जनवरी को दिल्ली स्थित इस्राइली दूतावास में धमाका हुआ था जिसकी जांच अब एनआईए कर रही है।

विज्ञापन




जुलाई में चार आरोपियों को मिली थी जमानत
अदालत ने इस्राइली दूतावास धमाका मामले में कारगिल लद्दाख से गिरफ्तार चार आरोपियों को जुलाई में जमानत प्रदान कर दी थी। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपियों को इस्राइली दूतावास के नजदीक 29 जनवरी को हुए हल्की तीव्रता वाले बम धमाके के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।

पटियाला हाउस अदालत के मुख्य महानगर दंडाधिकारी डॉ. पंकज शर्मा ने नाजिर हुसैन, जुल्फिकार अली वजीर, अयाज हुसैन तथा मुजम्मिल हुसैन की दलीलों से सहमति जताते हुए जमानत प्रदान कर दी। सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने जमानत का आग्रह करते हुए कहा था कि जांच के सिलसिले में अब उनकी जरूरत नहीं है और उन्हें हिरासत में रखने से कोई मकसद पूरा नहीं होगा।
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांच अभी नाजुक दौर में है और आरोपियों को जमानत प्रदान करने से यह प्रभावित होगी। पुलिस ने कहा जांच में काफी साक्ष्य मिले हैं और इनकी जांच के लिए समय लगेगा।

स्पेशल सेल ने कारगिल पुलिस और एक अन्य एजेंसी के साथ संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम देते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन चारों पर धमाके की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप लगाया था। ये चारों आरोपी लद्दाख के कारगिल जिले में थांग गांव के रहने वाले हैं।

इस्राइली दूतावास के नजदीक 29 जनवरी की शाम करीब पांच बजे एक हल्की तीव्रता वाला धमाका हुआ था। धमाके से आसपास खड़ी कारों को हल्का नुकसान हुआ था। मामले की जांच दो फरवरी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें