दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कौन-सा समय सबसे उपयुक्त होगा और त्वरित क्या कदम उठाया जाना चाहिए। आईआईटी दिल्ली की ओर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रिसर्च ऑन क्लीन एयर और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) साझा तौर पर इस दिशा में काम कर रहे हैं।
आईआईटी दिल्ली के संबंधित विभाग की ओर से यह शोध और अध्ययन किया जाएगा। संस्थान के पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर मुकेश खरे ने कहा कि वर्ष भर वायु प्रदूषण की प्रबल समस्या के दौरान निर्माण पर प्रतिबंध, पटाखों पर प्रतिबंध, स्कूलों को बंद करने जैसे कदम उठाए जाते हैं। हालांकि यह बहुत कारगर उपाय नहीं हैं, इसलिए यह बहुत जरूरी है कि एक कैलेंडर तैयार हो कि किस वक्त कौन सा कदम उठाया जाए।
प्रोफेसर मुकेश खरे ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (एनसीएपी) शुरू किया जा चुका है। ऐसे में उस कैलेंडर का होना बहुत जरूरी है, जिसे देखकर उचित समय पर पूरे देश में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम उठाया जा सके।