अतिथि शिक्षकों का कहना है कि पुलिस के साथ उनकी कई बार तीखी बहस हुई। आरोप है कि पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए शिक्षकों पर लाठी भी चलाई। कुछ शिक्षकों को मामूली व कुछ को ज्यादा चोटें आई। इसके बाद भी शिक्षक एक ही जगह डटे रहे। उन्हें बसों में भरकर जंतर-मंतर ले जाया गया। शिक्षकों ने संसद मार्ग थाने के अंदर दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जिनमें से कुछ शिक्षकों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। कांग्रेसी नेता व दिल्ली सरकार की पूर्व मंत्री किरण वालिया उन्हें छुड़वाने के लिए पहुंची। उन्होंने भरोसा दिया कि कांग्रेस के बड़े वकील उनका केस कोर्ट में लड़ेंगे। इसके बाद वहां से मार्च करते हुए शिक्षक प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हे रोकने का प्रयास किया।
देर शाम मनोज तिवारी से हुई मुलाकात
ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के सदस्य शोएब राणा ने बताया कि देर शाम मनोज तिवारी ने शिक्षकों से मुलाकात की। शिक्षकों को बताया कि कैबिनेट नोट पर हस्ताक्षर कर उपराज्यपाल ने आगे सक्षम अधिकारी के पास भेज दिया है। वहीं, 31 अगस्त तक शिक्षकों का अनुबंध बढ़ाने की बात भी कही। साथ ही शिक्षकों की कोर्ट में लड़ाई के लिए उन्होंने वकीलों का पैनल उपलब्ध कराने की बात कही। शोएब राणा ने कहा कि जब तक पॉलिसी नहीं बन जाती तब तक उन्हें नौकरी से हटाया ना जाए। वहीं, शिक्षकों ने मंगलवार को भी भाजपा कार्यालय के बाहर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का फैसला किया है।