नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हरियाणा के पानीपत में स्थित भारतीय तेल निगम लिमिटेड (आईओसीएल) की रिफाइनरी की जांच का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल में दाखिल एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिफाइनरी के जरिए आस-पास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है। पीठ ने इस मामले में एक संयुक्त समिति गठित कर संबंधित स्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट एक महीने के भीतर ट्रिब्यूनल में दाखिल करने को कहा है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। गठित की गई संयुक्त समिति में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के प्रतिनिधि और उपायुक्त, पानीपत को शामिल किया गया है।
पीठ ने कहा कि गठित संयुक्त समिति रिफाइनरी के इर्द-गिर्द वायु प्रदूषण की जांच के अलावा जल के नमूने लेकर प्रदूषण की जांच भी कर सकती है। पीठ ने कहा कि संयुक्त समिति में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संयुक्त समिति के तौर पर काम करेगा।
पानीपत के सिंहपुरा सिथाना ग्राम पंचायत के सरपंच सतपाल सिंह ने संबंधित रिफाइनरी के प्रदूषण को लेकर एनजीटी में पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पानीपत स्थित रिफाइनरी के कारण आस-पास मौजूद बोहली, ददलाना, सिथाना गांव में गंभीर वायु और जल प्रदूषण हो रहा है।