नोएडा के ओखला पक्षी विहार के दस किलोमीटर क्षेत्र में बनी निर्माणाधीन साइटों के निरीक्षण का आदेश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिया है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को दिए आदेश में जांच के साथ इसकी रिपोर्ट सौंपने को कहा है। ओखला पक्षी विहार सेंसटिव जोन पर एनजीटी में दाखिल अमित कुमार की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
जस्टिस डॉ. पी ज्योतिमनी की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार को 15 दिन के भीतर ‘सेंसटिव जोन कितना हो’ इस पर प्रस्ताव देने को कहा है।
कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव दाखिल कर दिया है, दिल्ली सरकार भी पर्यावरण और वन मंत्रालय(मोफ) को प्रस्ताव दे।
साथ ही राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड अगली सुनवाई से पहले प्रस्ताव दे। इसके बाद मोफ कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करे। वकील राहुल चौधरी ने बताया कि विभागों को सेंसटिव जोन के संबंध में जल्द प्रस्ताव दाखिल करने को कहा है। सभी विभागों से प्रस्ताव मिलने के बाद मोफ एनजीटी में रिपोर्ट सौंपेगी। मामले पर अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।