दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी निजी अस्पताल गरीब शरणार्थियों को मुफ्त इलाज से इनकार नहीं कर सकता है।
जिस शरणार्थी की मासिक आय 8,086 रुपये या उससे कम है, उसे ईडब्ल्यूएस कोर्ट के तहत इलाज देना ही होगा। निदेशालय में तैनात मेडिकल सुपरिटेंडेंट नर्सिंग होम डॉक्टर आरएन दास ने ऐसे ही एक शरणार्थी के इलाज के आदेश मैक्स अस्पताल को दिए हैं।
पिछले दिनों भारत में रह रहे म्यांमार के शरणार्थी थाईपोएंग को गरीब कोटे से नियम कानून का हवाला देते हुए अस्पताल ने मुफ्त इलाज देने से मना कर दिया था।