फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'सरकार बताए क्यों बदला लैंड यूज, कितने गिरे पेड़'

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद जिले के मांगर वन्य क्षेत्र में कुछ निजी फर्म द्वारा लैंड यूज बदलने की कोशिश करने और 50 पेड़ गिरने को एनजीटी ने गंभीर मामला बताया है। इस मामले में राज्य सरकार को जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही पेड़ कटने से वन्य क्षेत्र में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट भी दाखिल करने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन


जस्टिस एमएस नांबियार की अध्यक्षता वाली बेंच ने पर्यावरणविद कर्नल सर्वदमन सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। याची की ओर से अधिवक्ता ऋत्विक दत्ता और राहुल चौधरी ने दलील पेश की।

याची का आरोप है कि कुछ निजी फर्म मांगर वन्य क्षेत्र में गैर मुमकिन पहाड़ भूमि को कृषि योग्य भूमि बनाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि यह भूमि पूरी तरह पहाड़ और वन्य है। वहीं याची ने पेड़ कटने के मामले पर प्रकाशित रिपोर्ट को भी पेश किया।
विज्ञापन

विज्ञापन

सरकार बताए कितने पेड़ों को नुकसान हुआ

सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि याची इस मामले को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। संबंधित जमीन पर नियम और कानून के मुताबिक काम हो रहा है।

साथ ही जो भी पेड़ गिरे हैं वह सड़क बनने के दौरान गिरे हैं। इस पर बेंच ने कहा कि हरियाणा सरकार रिपोर्ट में बताए कि वास्तविक में कितने पेड़ों को नुकसान हुआ है। वहीं हरियाणा सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह मामला स्थानीय कोर्ट में भी चल रहा है। इस पर जल्द ही परिणाम आने वाला है।

मालूम हो कि हाल ही में ट्रिब्युनल ने गुड़गांव-फरीदाबाद हाइवे किनारे स्थित मांगर बानी वन्य क्षेत्र में तीन निजी फर्म पर लैंड यूज बदलने के लिए रोक लगाई थी। इनमें केनवुड मर्केंटाइल, गुडफेथ बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और नंदक इन्फोकॉम शामिल थे। याची का आरोप था कि इन फर्मों के जरिये हरियाणा राजस्व विभाग में लैंड यूज बदलने संबंधी 90 आवेदन दिए गए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें