फरीदाबाद जिले के मांगर वन्य क्षेत्र में कुछ निजी फर्म द्वारा लैंड यूज बदलने की कोशिश करने और 50 पेड़ गिरने को एनजीटी ने गंभीर मामला बताया है। इस मामले में राज्य सरकार को जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही पेड़ कटने से वन्य क्षेत्र में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट भी दाखिल करने के लिए कहा गया है।
जस्टिस एमएस नांबियार की अध्यक्षता वाली बेंच ने पर्यावरणविद कर्नल सर्वदमन सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। याची की ओर से अधिवक्ता ऋत्विक दत्ता और राहुल चौधरी ने दलील पेश की।
याची का आरोप है कि कुछ निजी फर्म मांगर वन्य क्षेत्र में गैर मुमकिन पहाड़ भूमि को कृषि योग्य भूमि बनाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि यह भूमि पूरी तरह पहाड़ और वन्य है। वहीं याची ने पेड़ कटने के मामले पर प्रकाशित रिपोर्ट को भी पेश किया।