-मामला द्वारका की करुणा कुंज कॉलोनी के निवासी राजकुमार शर्मा की शिकायत के बाद सामने आया
नई दिल्ली। द्वारका सेक्टर-3 में हो रही अवैध कचरा डंपिंग को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की पीठ ने नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) को निर्देश दिए कि वह इस मामले में जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करे। एनजीटी ने माना कि यह पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है और इसकी मौके पर जांच जरूरी है। अधिकरण ने एमसीडी को आदेश दिया कि वह आदेश मिलने के छह सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करे। इसके साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को एमसीडी की कार्रवाई की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो डीपीसीसी को कानून के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
एनजीटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमसीडी और डीपीसीसी दोनों को दो महीने के भीतर अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट अधिकरण को सौंपनी होगी। जरूरत पड़ने पर मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। यह मामला द्वारका की करुणा कुंज कॉलोनी के निवासी राजकुमार शर्मा की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में बताया गया था कि प्लॉट नंबर-18 के बाहर खुले में कचरा फेंका जा रहा है, जिससे इलाके में गंदगी, बदबू और अस्वास्थ्यकर हालात बन गए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि कचरे में कई बार आग भी लगा दी जाती है, जिससे हवा प्रदूषित हो रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। संवाद