नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मौजूद तीन बूचड़खानों के संचालन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। बेंच ने संबंधित प्राधिकरणों से कहा है कि वह तत्काल ईगल कॉन्टिनेंटल फूड प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स अल-नफीस फ्रोजेन फूड्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स जेवा एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के संचालन पर रोक लगाएं।
याची का आरोप था कि इन अवैध बूचड़खानों के जरिये पर्यावरण को क्षति पहुंचाई जा रही है। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। जस्टिस राघवेंद्र एस राठौर की अध्यक्षता वाली वैकेशन बेंच ने बुधवार को शैलेश सिंह की याचिका पर सुनवाई की।
बेंच ने इस मामले में पक्षकार बनाए गए प्राधिकरणों में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, पशु विभाग के प्रधान सचिव, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण, गाजियाबाद के जिलाधिकारी और पर्यावरण मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है।