उच्च न्यायालय ने बुधवार को न्यूजक्लिक के मानव संसाधन प्रमुख अमित चक्रवर्ती की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोपों के बाद दर्ज यूएपीए मामले में सरकारी गवाह बनने के बाद जमानत की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष सरकारी पक्ष ने कहा कि अगर चक्रवर्ती को जमानत दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। चक्रवर्ती की ओर से पेश वकील ने कहा कि निचली अदालत पहले ही मामले में उन्हें माफी दे चुकी है और वह पिछले साल अक्टूबर से हिरासत में हैं।
समाचार पोर्टल न्यूज क्लिक के मामले में नया मोड़ तब आया था, जब कंपनी के एचआर हेड अमित चक्रवर्ती ने दिल्ली कोर्ट का रूख किया था। अमित चक्रवर्ती ने दिल्ली कोर्ट से यूएपीए के तहत लगे आरोपों के बाद सरकारी गवाह बनने की मांग करते हुए इजाजत मांगी थी।
मामले में आरोप लगा था कि न्यूज क्लिक समाचार पोर्टल को चीन से फंडिंग हो रही थी। चक्रवर्ती ने पिछले दिनों विशेष न्यायाधीश हरदीप कौर की कोर्ट में आवेदन दायर कर मामले में माफी की मांग की थी और दावा किया है कि उनके पास महत्वपूर्ण जानकारी है। जिसका वह दिल्ली पुलिस के समक्ष खुलासा करना चाहता है, जो मामले की जांच कर रही है।