ड्राइविंग लाइसेंस योग्यता परखने के लिए बनाए गए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर वाहन चलाना दिल्ली वासियों के लिए कड़ी परीक्षा साबित हो रहा है।
राजधानी में हाल ही में चार ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर (एडीटीसी) शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन यहां पर लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंच रहे अधिकतर लोग नौसिखिए बताए जा रहे हैं, जिस कारण अधिकतर लोग ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो रहे हैं।
परिवहन विभाग के सूत्रों के मुताबिक गत 6 मार्च को मयूर विहार फेज-1 समेत विश्वास नगर, सराय काले खां और शकूर बस्ती में एडीटीसी शुरू किए गए, लेकिन यहां पर लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंच रहे अधिकतर लोग ट्रैक पर वाहन चलाने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं।
परीक्षा में अधिक लोगों के फेल होने के चलते परिवहन विभाग के प्रति लोगों में नाराजग भी है, लेकिन परिवहन विभाग का कहना है कि अब सुरक्षित और संयमित ड्राइविंग के आधार पर लाइसेंस बनाए जाएंगे, जिससे सड़क हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या भी कम होगी।
अधिकारिक सूत्रों की मानें तो ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आने वाले लोगों में 20 से 30 प्रतिशत ही एडीटीसी का सामना कर पा रहे हैं। वर्तमान में लाडो सराय, राजा गार्डन, हरि नगर, बुराड़ी, लोनी, रोहिणी, झड़ौदा कलां और द्वारका में भी केंद्र बनाए जा रहे हैं और अगले 2-3 महीनों में इन्हें भी शुरू कर दिया जाएगा।