जेवर-बुलंदशहर हाईवे पर हैवानियत के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिवार से लूटपाट, एक शख्स की हत्या के बाद 4 महिलाओं से गैंगरेप केस में एक पीड़िता अपने बयान से मुकर गई है। पीड़िता का कहना है कि उसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं है, इसलिए उसने ऐसा बयान दिया। इस मामले में महिलाओं का मेडिकल करने वाले डॉक्टर ने बड़ा बयान दिया है। डॉक्टर का कहना है कि प्राथमिक जांच में महिलाओं से रेप की पुष्टि नहीं हुई है।
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पहले बताई थी ये कहानी
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highway gangrape
- फोटो : अमर उजाला
पीड़िता ने शुक्रवार को दिए गए बयान में कहा कि वह बदमाशों को नहीं पहचानती। उसने गुस्से में पड़ोसियों का नाम लिया था। पीड़िता ने पड़ोसियों पर लगाए आरोप भी वापस ले लिए हैं। यूपी पुलिस ने पीड़ित महिला के बयानों के आधार पर गुरुवार को तीन लोगों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
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बयान बदला, बदली पुलिस की जांच की दिशा
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इसके पहले पीड़ित पक्ष ने कहा था कि आरोपियों ने 'बीफ खाते हो' पूछकर गोली मार दी। घटना में मारे गए स्क्रैप व्यापारी के साथ गए उसके भतीजे ने 'अमर उजाला' से शुक्रवार को बताया कि लुटेरों ने उनसे मारपीट कर बंधक बनाया और चारों पुरुषों को जमीन पर औंधे मुंह लेटा दिया। महिलाओं के ले जाते समय स्क्रैप व्यापारी द्वारा विरोध करने पर पहले एक गोली जमीन पर मारी। इसके बाद दूसरी गोली उसे मार दी।
राजनीतिक कद वालों का लगा तांता
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Jewar gangrape
कब-कब बदले बयान?
-बृहस्पतिवार सुबह 3.32 बजे पर पहुंची पुलिस से लूट और हत्या की बात बताई गई। इस दौरान पुलिस ने जेवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से केवल मारपीट का मेडिकल कराया गया।
-बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे महिलाओं से गैंगरेप का आरोप लगाया गया। इसके बाद महिलाओं ने कपड़े बदल और आनन-फानन में पुलिस ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराने भेजा।
- नोएडा के जिला अस्पताल में सुबह साढ़े आठ बजे महिलाओं ने पड़ोस में चलने वाली रंजिश में बदला लेने की नियत से वारदात कराने का दो परिवारों पर आरोप लगाया। पुलिस ने देर शाम तक तीन लोगों को हिरासत में ले लिया।
-पीड़ितों ने शुक्रवार सुबह मीडिया से दिए बयान में कहा कि उनमें से एक पीड़िता ने गलती से कहा था कि रंजिश में घटना हुई है लेकिन अब वह अपने पुराने बयान पर कायम हैं कि रास्ते में लूट-रेप और हत्या के आरोपियों को वह पहचानते नहीं।
-शुक्रवार सुबह पीड़ितों ने एक बार फिर बयान बदले और कहा कि अपराधी पूछ रहे थे कि 'तुम इस धर्म से संबंधित हो और बीफ खाते हो’ इसलिए तुमलोगों को मार देंगे।
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बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे से मात्र ढाई किमी दूर राजमार्ग पर जेवर से बुलंदशहर जा रहे परिवार के साथ बदमाशों ने बुजमकर लूटपाट और गैंगरेप किया। बुधवार देर रात बीमार रिश्तेदार को देखने जा रहे स्क्रैप कारोबारी के परिवार की कार रोककर छह बदमाशों ने चार महिलाओं के साथ गैंगरेप किया और विरोध करने पर परिवार के मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी। नौ लोगों के इस परिवार के नकदी व जेवरात भी लूट लिए गए।
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पीड़िता के बयान बदलने से मामले में पुलिस की जांच की दिशा भी बदल गई है। एसएसपी लव कुमार का कहना है कि एक पीड़िता ने अपना बयान बदला है। पुलिस अन्य पहलुओं पर पड़ताल कर रही है। एसटीएफ की जांच जारी है। मामले में एक्सल गैंग का हाथ हो सकता है। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।
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उधर, जेवर-बुलंदशहर रोड पर घटनास्थल के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे चश्मदीद नौबत सिंह शुक्रवार को नदारद दिखे। अब चाहे अपराधियों के डर से पुलिस ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गई हो या फिर मीडिया में बयान देने से बचने के लिए वह शुक्रवार को नहीं दिखे। शुक्रवार को घटनास्थल के पास उनकी झोपड़ी पर लगा ताला लगा था।
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आग की तरह देशभर में मामले की सूचना फैलने पर बृहस्पतिवार शाम से ही कई पार्टी नेताओं का जमावड़ा पीड़ितों के घर और घटनास्थल पर लगने लगा। बृहस्पतिवार शाम को जहां कांग्रेस पार्टी से राजबब्बर पहुंचे थे। सुबह पूर्व समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे कमाल अख्तर, सांसद सुरेंद्र नागर, फकीरचंद नागर समेत बड़ी संख्या नेता पहुंचे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी से स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह बृहस्पतिवार सुबह ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। वह शुक्रवार दोपहर भी पीड़ितों से मिले।
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घटना की सूचना लगते ही बृहस्पतिवार सुबह से बिसाहड़ा कांड में इकलाख पक्ष के साथ खड़े लोगों में से कुछ लोग मौके पर पहुंच गए थे। शुक्रवार शाम तक इन लोगों को घर के आसपास आना-जाना दिखाई दे रहा था।
बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ लोगों की पिछली सरकार में बड़े राजनीतिज्ञों तक पहुंच है। वहीं, पीड़ितों के लगातार बदल रहे बयानों के पीछे भी इनका ही दिमाग बताया जा रहा है।