-बीमारी की स्थिति और फैलाव समझने में डॉक्टरों को मिलेगी मदद, इलाज की दिशा तय करने में भी हो सकता है फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। अल्जाइमर रोग की पहचान और उसकी स्थिति का आकलन करने में अब पीईटी स्कैन की मदद से दिमाग में जमा टाऊ प्रोटीन को देखा जा सकेगा। टाऊ प्रोटीन का असामान्य रूप से जमा होना अल्जाइमर रोग से जुड़े प्रमुख बदलावों में माना जाता है। इस तकनीक से डॉक्टर यह समझने में मदद ले सकेंगे कि दिमाग के किन हिस्सों में प्रोटीन जमा हुआ है और बीमारी किस स्तर तक बढ़ी है।
बीमारी के फैलाव का मिल सकेगा अंदाजा
अल्जाइमर में याददाश्त कमजोर होने के साथ धीरे-धीरे सोचने, समझने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। पीईटी स्कैन में टाऊ प्रोटीन की मौजूदगी और उसके फैलाव को देखने से बीमारी की प्रगति का आकलन करने में मदद मिल सकती है। इससे मरीज की स्थिति के अनुसार आगे की जांच और उपचार की रणनीति तय करने में डॉक्टरों को अधिक जानकारी मिलेगी।
शुरुआती बदलावों को समझने में मदद
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल लक्षणों के आधार पर अल्जाइमर की गंभीरता का अंदाजा लगाना हमेशा पर्याप्त नहीं होता। टाऊ प्रोटीन की इमेजिंग से मस्तिष्क में होने वाले बदलावों की बेहतर तस्वीर सामने आ सकती है। हालांकि, पीईटी स्कैन को मरीज के लक्षणों और अन्य जांचों के साथ मिलाकर ही देखा जाता है।
मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि अल्जाइमर में टाऊ प्रोटीन मस्तिष्क में होने वाले महत्वपूर्ण बदलावों से जुड़ा है। पीईटी स्कैन से इसके जमाव को देखने पर बीमारी के पैटर्न और फैलाव को समझने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बताया कि इससे डॉक्टरों को मरीज की स्थिति का अधिक वैज्ञानिक तरीके से आकलन करने में सहायता मिलेगी, लेकिन जांच की रिपोर्ट को मरीज के लक्षणों और अन्य क्लीनिकल जांच के संदर्भ में ही समझना चाहिए।