आपराधिक विश्वासघात के लिए सजा बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट की वकील मनीषा अग्रवाल ने बताया कि धोखाधड़ी, जो पहले धारा 420 और कुछ अन्य धाराओं के अंतर्गत आती थी, अब बीएनएस की धारा 318 के अंतर्गत प्रदान की गई है। धोखाधड़ी के लिए सजा को बढ़ाकर कारावास कर दिया गया है, जिसे आईपीसी के तहत एक साल की जगह तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है।
बीएनएस में अब संपत्ति के बेईमानी से दुरुपयोग के लिए कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। आपराधिक विश्वासघात के लिए सजा भी बढ़ा दी गई है। इससे ड्रग्स, चिट-फंड घोटाले, गेमिंग घोटाले जैसे अपराधों में कमी आएगी। जल्दबाजी और लापरवाही से मौत का कारण बनने पर सजा को बढ़ाकर कारावास कर दिया गया है, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अब सड़क दुर्घटना कर भागने वाले शख्स को ज्यादा सजा मिलेगी। बीएनएस यह भी कहता है कि जहां पांच या अधिक लोगों का समूह एक साथ मिलकर नस्ल, जाति या समुदाय, लिंग, जन्म स्थान, भाषा, व्यक्तिगत विश्वास या किसी अन्य समान आधार पर हत्या करता है तो ऐसे समूह के प्रत्येक सदस्य को दंडित किया जाएगा।
नागरिकों को सशक्त बनाएंगे नए कानून
तीस हजारी कोर्ट के वकील कुणाल ढाकला ने बताया कि देश की व्यवस्था के अनुसार नए कानूनों को रचा गया है, जो समाज को आवश्यकता अनुसार प्रक्रिया और व्यवस्था देंगे। नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन कानूनों का उद्देश्य सभी के लिए अधिक सुलभ, सहायक और प्रभावी न्याय प्रणाली बनाना है। इससे जांच और न्यायिक व्यवस्था का चेहरा बदल जाएगा। अब इलेक्ट्रॉनिक रूप से समन की तामील की जा सकेगी। इससे कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी। कागजी कार्रवाई भी कम होगी।