दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे के खेड़की दौला टोल प्लाजा सहित इसकी देख-रेख की जिम्मेवारी बुधवार से बदल गई। नई कंपनी ने मंगलवार की रात 12 बजे के बाद से इसे अपने कब्जे में ले लिया।
फरवरी में दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे के सिरहौल गांव से टोल प्लाजा हटाए जाने बाद केवल खेड़कीदौला पर टोल वसूला जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी(आईडीएफसी) ने यह जिम्मेदारी फीडबैक कंपनी को दी हुई थी।
छह महीने के बाद एनएचआईए के हस्तक्षेप के बाद टोल कलेक्शन व इसके रखरखाव की जिम्मा मिलेनियम सिटी एक्सप्रेस प्रा.लि. को दे दिया गया। यह कंपनी आईजीआई एयरपोर्ट टोल का भी काम देखती है।
इसी कंपनी ने खेड़कीदौला टोला प्लाजा पर टोल वसूली और रखरखाव का काम स्काई लार्क सिक्योरिटी कंपनी को सौंपा है। इस कंपनी के लोगों ने मंगलवार की रात बारह बजे के बाद से मोर्चा संभाल लिया।
एक अनुमान के अनुसार, एक्सप्रेस वे पर रोजाना ढाई से तीन लाख वाहन गुजरते हैं। खेड़कीदौला टोल प्लाजा के प्रभारी मेजर सदानंद सिंह चौहान का कहना है कि कंपनी की ओर से जिम्मेवारी संभाल ली गई है। जल्द ही यहां की समस्याओं का निदान किया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है।
पहले दिन ही हुआ विवाद
नई कंपनी की ओर से कार्यभार संभालने के पहले दिन ही नवादा गांव के एक व्यक्ति से विवाद हो गया। बाद में आसपास लोग एकत्रित हो गए। कंपनी की ओर से टोल पर पुलिस बल की मांग भी की गई है।