दिल्ली और गुरुग्राम के बीच बसें चलाने के लिए हरियाणा सरकार के प्रस्ताव को दिल्ली परिवहन विभाग ठुकरा सकता है। हालांकि इन बसों के चलने से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी, लेकिन हरियाणा सरकार की ओर से दिल्ली की बसों से यात्री और रोड टैक्स वसूले जाने के चलते इस प्रस्ताव पर रोक लगाई जा सकती है।
हरियाणा परिवहन विभाग लंबे समय से दिल्ली परिवहन विभाग से गुरुग्राम से दिल्ली के उत्तम नगर और करोल बाग के लिए हरियाणा रोडवेज की करीब चार बसें चलाने के प्रस्ताव पर मंजूरी लेने की कोशिश कर रहा है। इस प्रस्ताव को दिल्ली परिवहन विभाग भी मंजूरी देना चाहता है। चूंकि हरियाणा द्वारा दिल्ली से जाने वाली बसों से यात्री टैक्स और रोड टैक्स वसूला जाता है, जबकि हरियाणा से दिल्ली आने वाली बसों से दिल्ली सरकार कोई यात्री या रोड टैक्स नहीं वसूलती।
दिल्ली परिवहन विभाग के एसटीए बोर्ड की सोमवार का हुई बैठक में यह मुद्दा फिर से उठा। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने यह शर्त रखी कि जब तक हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली की ओर से जाने वाली बसों पर जीरो शुल्क नहीं किया जाता, तब तक नई बस सेवा को चलाने की मंजूरी किसी हाल में नहीं दी जा सकती।
इस मुद्दे को लेकर अब दिल्ली परिवहन विभाग हरियाणा परिवहन विभाग को पत्र लिखकर अवगत कराएगा कि दिल्ली परिवहन विभाग की तरह हरियाणा को भी यात्री और रोड टैक्स नहीं वसूलना होगा। अगर हरियाणा को गुरुग्राम से दिल्ली के बीच बस सेवा शुरू करनी है तो हरियाणा परिवहन विभा को नियम में बदलाव करना पड़ेगा। परिवहन विभाग का कहना है कि दिल्ली से हरियाणा जाने पर टिकट में यात्री और रोड टैक्स वसूले जाने से यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है।