कथित रूप से सैक्स रैकेट में पकड़े गए बसपा के तत्कालीन कोषाध्यक्ष बाबूलाल सैन को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया है। उस समय जेल जाने के बाद उनको पार्टी से निकाल दिया गया था।
जिलाध्यक्ष का दावा है कि मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें पाया गया कि बाबूलाल का सैक्स रैकेट से लेना देना नहीं था,वह झगड़ा निपटाने पहुंचे थे।
गोविंदपुरम के एक होटल में करीब छह महीने पहले सैक्स रैकेट पकड़ा गया था। इसमें सौ से ज्यादा महिला-पुरुष शामिल थे।
बसपा सुप्रीमो ने निकाला था बाहर
पकड़े गए लोगों में वरिष्ठ बसपा नेता और तत्कालीन कोषाध्यक्ष बाबूलाल सैन भी शामिल थे। इनको सैक्स रैकेट में जेल भेजा गया था। करीब एक महीने बाद इनकी जमानत हुई थी।
यह मामला काफी चर्चाओं में रहा था। लखनऊ से कार्रवाई कर बसपा सुप्रीमो मायावती ने इनको पार्टी से निकाल दिया था। अब इनको नसीमुद्दीन सिद्दीकी की मौजूदगी में दोबारा से बसपा में शामिल कर लिया गया।
पार्टी का मानना है कि बाबूलाल सैन हंगामे की सूचना पाकर होटल पहुंचे थे। आरोपी भाग निकले और पुलिस ने उनको दबोच लिया था।
बोले मैं झगड़ा निपटाने गया था
मैं बसपा का समर्पित सिपाही हूं। जिला महासचिव, उपाध्यक्ष,कोषाध्यक्ष, कोआर्डिनेटर आदि पदों पर रहकर काम किया है। पुलिस ने नोक-झोंक होने के बाद रंजिशन जेल भेज दिया था।
बाबूलाल सेन ने कहा कि मेरा सैक्स रैकेट से लेना-देना नहीं था। बाबूलाल सैन पर गंभीर आरोप थे और उनको जेल भेजा गया था।
इसकी जानकारी होने पर पार्टी से निकाल दिया गया था। पार्टी पदाधिकारियों की कमेटी ने जांच के बाद पाया कि वह झगड़ा निपटाने गए थे।
वहीं बसपा के जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती के मुताबिक सैक्स रैकेट से लेना-देना नहीं था। इसकी रिपोर्ट हाईकमान को भेजी गई थी, जिसके बाद उनकी वापसी कर ली गई।