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दिल्ली में नेपाली नागरिक गिरफ्तार: पाकिस्तानी एजेंसी ISI के लिए करता था जासूसी, अमेरिकी कनेक्शन भी आया सामने

Tue, 09 Sep 2025 09:06 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आरोपी नेपाल नागरिक ने खुलासा किया है कि उसने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल करके 16 सिम कार्ड (एयरटेल और जिओ) खरीद कर नेपाल भेजे थे। इसके कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री वाले डिजिटल उपकरण और कई सिम कार्ड लिफाफे बरामद किए गए हैं।
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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला नेपाली नागरिक गिरफ्तार - फोटो : Chatgpt
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने और भारतीय सिमकार्ड उपलब्ध कराने वाले नेपाली नागरिक प्रभात कुमार चौरसिया (43) को गिरफ्तार किया है। ये पाकिस्तानी आईएसआई एजेंटों को भारतीय सिम कार्ड सप्लाई कर रहा था। इन सिम कार्ड का इस्तेमाल सीमा पार से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के जरिए जासूसी और अन्य भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

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खरीद चुका 16 सिम कार्ड 
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक ने बताया कि आरोपी की ओर से 16 सिम कार्ड (एयरटेल और जिओ) खरीद कर नेपाल भेजे थे। इनमें से 11 सिम कार्ड आईएसआई संचालकों द्वारा लाहौर, बहावलपुर और पाकिस्तान के अन्य हिस्सों से व्हाट्सएप पर संचालित किए जा रहे थे। आईएसआई एजेंटों ने उसे अमेरिकी वीजा और विदेश में पत्रकारिता के अवसरों का लालच दिया गया। 

लक्ष्मीनगर से किया गया गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट इंस्पेक्टर राहुल कुमार और इंस्पेक्टर विनीत कुमार तेवतिया की टीम को  28 अगस्त को विशेष सूचना मिली कि आईएस एजेंटों से जुड़ा एक आरोपी विजय ब्लॉक, लक्ष्मी नगर, दिल्ली में मौजूद है। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर बीरगंज, नेपाल निवासी प्रभात कुमार चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है।

आधार कार्ड पर लिए थे सिमकार्ड
आरोपी नेपाल नागरिक ने खुलासा किया है कि उसने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल करके 16 सिम कार्ड (एयरटेल और जिओ) खरीद कर नेपाल भेजे थे। इसके कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री वाले डिजिटल उपकरण और कई सिम कार्ड लिफाफे बरामद किए गए हैं।

नेपाल के नागरिक के जरिए आईएसआई एजेंटों के संपर्क में आया था
स्पेशल सेल को शुरूआजी जांच से पता चला है कि आरोपी 2024 में एक नेपाली नागरिक के जरिए आईएसआई एजेंटों के संपर्क में आया था। उसे अमेरिकी वीजा और विदेश में पत्रकारिता के अवसरों का लालच दिया गया। बदले में, उसे भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराने और डीआरडीओ व सैन्य प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी एकत्र करने को कहा गया। हालांकि उसे कुछ रकम भी दी जाती थी।

महाराष्ट्र से बनवा रखा था आधार कार्ड
महाराष्ट्र के लातूर में पंजीकृत अपने आधार कार्ड का उपयोग करके आरोपी ने बिहार और महाराष्ट्र के दूरसंचार स्टोरों से सिम कार्ड लिए थे। इन सिम कार्डों को तस्करी के जरिए नेपाल के काठमांडू ले जाया गया और बाद में आईएसआई संचालकों को सौंप दिया गया। इन सिम कार्डों पर पंजीकृत व्हाट्सएप अकाउंट पाकिस्तान से भारतीय सैन्य कर्मियों से संपर्क स्थापित करने और अन्य संवेदनशील जासूसी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संचालित किए जाते थे।

दिल्ली में भी काम कर चुका है
प्रभात कुमार चौरसिया ने नेपाल में अपनी मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। बिहार के मोतिहारी में इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और बाद में सूचना प्रौद्योगिकी में बी.एससी. की डिग्री के साथ-साथ कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग में डिप्लोमा भी किया। पेशेवर रूप से उसने पुणे, लातूर, सोलापुर और दिल्ली में दवा क्षेत्र में चिकित्सा प्रतिनिधि और क्षेत्रीय बिक्री प्रबंधक के रूप में काम किया। इसने 2017 में काठमांडू, नेपाल में नियो टर्मिनल एंड लॉजिस्टिक्स कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की। ये कंपनी भारी वित्तीय घाटे के कारण बंद हो गई।
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काठमांडू में आईएसआई के संपर्क में आया
आरोपी काठमांडू में आईएसआई के गुर्गों के संपर्क में आए। विदेश जाने के लालच में न केवल भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराने की सहमति दी, बल्कि आईएसआई के गुर्गों के लिए संवेदनशील भारतीय रक्षा संबंधी जानकारी भी एकत्र कर देने लगा। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2)/152 के तहत स्पेशल सेल के थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इसके सहयोगियों पता लगाने, कूरियर नेटवर्क की पहचान करने और इस जासूसी मॉड्यूल को अंजाम देने वाले विदेशी संचालकों को पकडऩे के लिए आगे की जांच कर रही है।

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