नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एसोसिएशन (नेफोवा) ने आम्रपाली के खरीदारों के पैसों की गड़बड़ी के मामले में क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी की कंपनियों की जांच कराने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को संस्था की ओर से वित्त मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय को इस बाबत पत्र भेजा गया है। नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में फारेंसिक ऑडिट के हवाले से सामने आया है कि आम्रपाली ने खरीदारों का पैसा डायवर्ट किया।
इसी मकसद से क्रिकेट धोनी और उनकी पत्नी साक्षी धोनी की कंपनी के साथ बेमानी समझौते किए। अवैध तरीके से इन कंपनियों में पैसा डायवर्ट किया गया।
नेफोवा ने केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय और वित्त मंत्रालय को पत्र भेजकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। वहीं, कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने भी उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को पत्र लिखा है।
संगठन के दिल्ली एनसीआर कनवेनर एसके जैन ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भारतीय व महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने पत्र लिखकर आम्रपाली का विज्ञापन करने पर क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की जांच कराने की मांग की है।