अपने परिवार के साथ वंशिका अरोड़ा (काली ड्रेस में)
नीट में दिल्ली-एनसीआर टॉपर वंशिका अरोड़ा का कहना है कि एनसीईआरटी किताबों के साथ स्कूल डेज में चार घंटे तो छुट्टी के दिन आठ घंटे की नियमित पढ़ाई के चलते मेरा डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो रहा है।
गुड़गांव स्थित सुशांत लोक निवासी वंशिका अरोड़ा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया मैं डॉक्टर बनकर आम आदमी के लिए नए शोध करना चाहती हूं, ताकि उन्हें सस्ते इलाज के जरिये बीमारियों से छुटकारा मिल सके।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी पहली पसंद एम्स दिल्ली में एमबीबीएस में दाखिला लेना था। इसीलिए नीट के साथ-साथ एम्स प्रवेश परीक्षा में भी आवेदन किया था। एम्स प्रवेश परीक्षा में मुझे 34वां रैंक और नीट में ऑल इंडिया रैंक में 20वां रैंक मिला है।’
वंशिका ने कहा कि मैंने कुछ समय के लिए एक निजी शिक्षण संस्थान में कोचिंग ली थी। डीपीएस आरके पुरम में पढ़ने वाली वंशिका ने 12वीं कक्षा में 98.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वंशिका की मम्मी डॉ. सुनैना अरोड़ा अपोलो अस्पताल में डॉक्टर हैं। जबकि पापा एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। वंशिका अपनी सफलता का सारा श्रेय अपनी मम्मी और पापा के साथ-साथ दसवी क्लास में पढ़ने वाली छोटी बहन कनुप्रिया को देती हैं।
स्वीमिंग, कुकिंग से पढ़ाई का तनाव किया कम
वंशिका का कहना है कि पढ़ाई के दौरान तनाव कम करने के लिए वह स्वीमिंग के साथ-साथ कुकिंग में भी अपना समय व्यतीत करती थी। स्वीमिंग से जहां पूरे शरीर की कसरत होती है तो कुकिंग के जरिए अलग-अलग व्यंजनों के चखने का मजा भी मिलता था।