रहस्मय बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को एक एनडीआरएफ जवान समेत छह लोगों की मौत हो गई।
लोगों का कहना है कि सभी डेंगू से पीड़ित थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उधर लगातार हो रही बुखार से मौतों के बाद अब लोगों में दहशत फैलने लगी है।
जानकारी के मुतााबिक एनडीआरएफ के जवान गिरधारी लाल को बुखार आने पर दो दिन पहले यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉ. प्रियरंजन ठाकुर ने बताया कि बृहस्पतिवार काे गिरधारी लाल की मौत हो गई।
लोनी की मुस्तफाबाद कालोनी में नूर मोहम्मद की पुत्री अंजुम (18) को पांच दिन से बुखार था। एक निजी अस्पताल से इलाज चल रहा था। बुधवार को डॉक्टरों ने जीटीबी रेफर कर दिया। जहां शाम को ही उसकी मौत हो गई।
दवा सप्लायर आरजू (24) को चार दिन से बुखार था। बुधवार शाम को सेंट स्टीफन अस्पताल दिल्ली ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई।
मुरादनगर के दुहाई गांव निवासी हरेंद्र की पत्नी योगेंद्री (45), कनौजा गांव निवासी राजाराम की पत्नी शकुंतला (60) और इसी गांव में रहने वाले 45 वर्षीय शाहजहां की मौत भी बुखार से हो गई। तीनों कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी।
डेंगू मच्छर ने भरी उड़ान, अफसर परेशान
डेंगू के मच्छर ने अपने स्वभाव से अलग व्यवहार करना शुरू कर दिया है। इससे चिकित्सकों की चिंता और बढ़ गई है। एक ओर जहां एडीज मच्छर अब रात में भी काटने लगा है।
वहीं पांच फीट की बजाय यह 55-60 फिट तक उड़ान भर रहा है। एकत्रित पानी की बजाय अब यह पत्तियों की जड़ों में मौजूद एक बूंद पानी में भी ब्रीडिंग करने में सक्षम है।
मच्छर से बचाव के साथ ही चिकित्सकों ने डेंगू से भयभीत न होने की सलाह दी है। इसके लिए जगह-जगह जागरूकता कैंपों का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन में इस बार डेंगू के मच्छर में कुछ बदलाव आए हैं।
बचाव के लिए गिलोय का जूस पी रहे लोग
डेंगू के डंक से खौफ खाए लोगों ने आयुर्वेद का सहारा लेना शुरू कर दिया है। एक ओर जहां लोग घरों में गिलोय और पपीते के पत्ते का जूस निकालकर पी रहे हैं।
डेंगू के खौफ ने आयुर्वेद जड़ी बूटियों के जूस की दुकानें भी लगनी शुरू हो गई है। इन दुकानों पर गिलोय, जौ और पपीते के पत्ते के जूस के साथ ही नीम, करेला, एलोवीरा, जामुन के पत्ते, हल्दी गांठ, अदरक व अन्य जड़ी बूटियों का जूस 10 से 20 रुपये में बेचा जा रहा है।