एनसीआर की बारिश लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण केचलते बारिश का पानी आंख, बाल, कान और त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
अमूमन बारिश को खुशनुमा माना जाता है। सर्दी केचलते लोग भले ही बारिश में भीगने से बचते हों, लेकिन आम तौर पर ऐसा नहीं होता है।
अचानक बारिश आने पर जहां कई लोग रास्ते में भीग जाते हैं, वहीं बच्चे वर्षा स्नान कर आनंद उठाते हैं। किसान के लिए बारिश वरदान की तरह है।
पर्यावरण व मौसम विज्ञानियों ने गाजियाबाद-दिल्ली सहित एनसीआर की बारिश को खतरनाक बताते हुए बचने की सलाह दी है।
सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी मोदीपुरम के वैज्ञानिक और पर्यावरण-मौसम विभागाध्यक्ष डा. एके अहलूवालिया के अनुसार गाजियाबाद-दिल्ली और एनसीआर का क्षेत्र हाईली पॉल्यूटेड है।
यहां की हवा में कार्बन की उच्च मात्रा के अलावा लेड, सल्फर डाईआक्साइड, नोक्स और घातक धूल कण मिले होते हैं। इनसे सिर केबाद, आंख, कान व त्वचा को बड़ा नुकसान हो सकता है।
ऐसे में बारिश के सीधे संपर्क में आने से बचने की जरूरत है। काफी दिन के अंतराल के बाद होने वाली बारिश में तो कतई न भीगें। इससे त्वचा और आंखों को स्थाई नुकसान भी हो सकता है।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. राहुल चौधरी ने बताया कि त्वचा व आंख आदि कोमल अंग हैं। ये धूल मिले पानी की तेज बौछार और केमिकल वाले पानी की मार नहीं झेल सकते हैं। सुरक्षित रहने के लिए बारिश से बचकर रहने में ही भलाई है।