नोएडा में ऑटो किराये में संशोधन का असर पूरे प्रदेश में दिख रहा है, लेकिन नोएडा में किराए को लेकर उलझन बरकरार है।
दिल्ली की तर्ज पर नोएडा में ऑटो का किराया निर्धारित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस प्रस्ताव को वेटिंग में डाल दिया गया है।
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पिछले सप्ताह प्रदेश भर में ऑटों-टैंपो के किराये में बढ़ोतरी की गई थी। सीएनजी ऑटो का किराया 96 पैसे तो वहीं टैंपो का किराया 1.18 रुपये प्रति किमी तक महंगा हो गया।
हालांकि, सीएनजी की कीमत कम होने के कारण किराये में एक बार फिर संशोधन किया गया है, लेकिन नोएडा पर न किराया बढ़ने का असर पड़ा और न ही कम होने का प्रभाव दिखाई दिया। दरअसल, थ्री-सीटर ऑटो में न मीटर व्यवस्था लागू है और न ही इनका कोई किराया निर्धारित है।
इसके अलावा शासन की ओर से इस उलझन को कम करने का कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। उलझन को खत्म करने के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने दिल्ली की तर्ज पर थ्री-सीटर ऑटो का किराया निर्धारित करने और मीटर प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया था।
प्रस्ताव को परिवहन विभाग से मंजूरी के बाद शासन के पास भेजा जा चुका है। इसके पास कराने का दबाव परिवहन विभाग के अधिकारियों पर लगातार बनाया जा रहा है, लेकिन शासन की ओर से फिलहाल कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहे हैं।
दिल्ली में किराये का स्लैब
2 किमी. तक : 25 रुपये
2 किमी. से ज्यादा : 8 रुपये / किमी.
ऑटो यूनियन की मांग
2 किमी. तक : 30 रुपये
2 किमी. से ज्यादा : 10 रुपये/ किमी