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सीबीआई जांच पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

Tue, 11 Feb 2014 09:02 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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चर्चित नजारत कांड प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए जांच पर ही सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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हाईकोर्ट न्यायमूर्ति धरणीधर झा ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा है कि अपनी जांच के दौरान सीबीआई ने कुछ लोगों के प्रति काफी दयाभाव दिखाया है। जिन अफसरों को सीबीआई ने मुलजिम नहीं बनाया, संबंधित पीठासीन अधिकारी ने भी उन पर दयाभाव दिखाया है।

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति धरणीधर झा ने नजारत कांड में फंसे पूर्व जिला जजों की डिस्चार्ज अर्जी को खारिज करते हुए कहा है कि संबंधित कोर्ट के विद्वान पीठासीन अधिकारी ने पूरे तथ्यों का गहनता से अध्ययन नहीं किया कि किन वास्तविक अपराधियों द्वारा क्या अपराध किया गया।
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यह जानने का भी प्रयास नहीं किया गया कि जिन कुछ अधिकारियों ने नोटिस और अनुशंसा दी थी, सीबीआई ने उन पर इतनी दया कैसे दिखायी। अपने इस आदेश में हाईकोर्ट ने यह अवधारणा दी है कि ऐसा लगता है कि सीबीआई और पीठासीन अधिकारी किसी दबाव में थे।

इसी वजह से उन्होंने ट्रेजरी अफसरों समेत 27 डीडीओ (आहरण एवं वितरण अधिकारी) को मुलजिम नहीं बनाया। उनके खिलाफ चार्जशीट नहीं दी गई। हाईकोर्ट ने कहा है कि सीबीआई की यह कार्रवाई पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है और वह निश्चित रूप से डीडीओ व अन्य अफसरों का पक्ष ले रही है।

हाईकोर्ट ने यह अभिमत व्यक्त किया है कि सीबीआई विशेष पीठासीन अधिकारी समस्त तथ्यों को पुन: देखते हुए उन लोगों पर निर्णय लें, जिन्होंने फर्जी कागजात बनाए हैं। हाईकोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद कई और जजों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

इससे पूर्व नजारत कांड के आरोपी सोमवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश डा. एके सिंह की कोर्ट में पेश हुए। मामले में सुनवाई को टालते हुए न्यायाधीश ने अब 17 फरवरी की तारीख नियत की है। चर्चित निठारी कांड के भी एक मामले में न्यायाधीश के न होने के चलते सुनवाई टल गई।
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इस मामले की सुनवाई को 26 फरवरी नियत की गई है। इससे पूर्व डासना जेल में बंद निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश कया गया।
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