नवरात्रि के पहले दिन सोमवार को देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिरों में साफ-सफाई के साथ-साथ विधि विधान से पूजा के प्रबंध किए गए थे।
मंदिरों में पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां भगवती के पहले स्वरूप शैलपुत्री की आराधना की और मानव कल्याण की कामना की। तिकोना पार्क स्थित महारानी वैष्णव देवी मंदिर में सुबह 9 बजे ज्योति प्रचंड करके पूजा की शुरुआत की गई। मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया ने बताया कि ज्योति ज्वाला जी से लाई गई।
बस अड्डे के पास स्थित सिद्धपीठ श्री महाकाली मंदिर में सुबह 8 बजे कलश स्थापना, दुर्गा पूजा एवं ज्योति प्रचंड के साथ पूजा अर्चना की शुरुआत हुई।
इसके अलावा एनआईटी रेलवे रोड स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर, सेक्टर-29 स्थित काली मंदिर, सूरजकुंड रोड स्थित सिद्धदाता मंदिर, दो नंबर स्थित दुर्गा मंदिर, पांच नंबर डी ब्लॉक दुर्गा मंदिर एवं एक नंबर स्थित हनुमान मंदिर में कलश स्थापना के साथ पूजा का शुभारंभ किया गया।
एनआईटी, रेलवे रोड स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर के कथा व्यास आचार्य संतोष जी महाराज ने बताया कि मां शैलपुत्री को श्रद्धा का स्वरूप माना जाता है, जो श्रद्धालु उनकी मन से आराधना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में स्थिरता आती है।