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गुरुग्राम गैंगरेप: पीड़िता से मिलने पहुंचीं महिला आयोग की सदस्य, उठाई मुआवजे की मांग

Thu, 08 Jun 2017 07:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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gurgaon gang rape - फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम के मानेसर गैंगरेप मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार की सुबह राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा गुरुग्राम पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता के घर जाकर उसका हालचाल लिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस से मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। 
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इस दौरान रेखा शर्मा ने बताया कि मामले में ढील बरतने वाली सब इंस्पेक्टर का निलंबन अपर्याप्त कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि निलंबन से कुछ नहीं होता, मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और कोताही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए। इसके साथ ही पीड़ित महिला की काउंसलिंग भी करवाई जा रही है। 

मुआवजे के लिए की सरकार से बात
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने बताया कि पीड़िता को राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए सरकार से उनकी बातचीत हो चुकी है। हालांकि मुआवजे की राशि तय होना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास रहेगा कि सरकार जल्द से जल्द मुआवजे की राशि जारी कर दे।
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800 महिला पुलिसकर्मियों को दी ट्रेनिंग
महिला आयोग सदस्य रेखा शर्मा ने बताया कि कई बार देखा गया है कि थाने में महिला पुलिसकर्मी भी महिला से बदसलूकी करती है। जिस कारण पीड़ित महिला के साथ अत्याचारों के खिलाफ वह लड़ नही पाती। इसीलिए  करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकेडमी में नई 800 महिला पुलिसकर्मियों को अच्छे व्यवहार के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि महिलाओं के साथ थाने में बदसलूकी न हो। 

वीआईपी ड्यूटी के लिए अलग से हो पुलिस
रेखा शर्मा के मुताबिक जिस तेजी से गुरुग्राम बढ़ रहा है, उसके हिसाब से पुलिसकर्मी  पर्याप्त नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई भर्ती से कुछ राहत तो मिलेगी, लेकिन इससे कुछ खास फायदा नहीं होगा। तरफ शहर में घटनाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस बल वीआईपी की सुरक्षा में लगी है। ऐसे में वह सरकार को पत्र लिखेंगी कि वीआईपी की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की अलग से व्यवस्था होनी चाहिए।
 
झूठी शिकायतों के कारण व्यवहार में होता है बदलाव
रेखा शर्मा ने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों द्वारा पीड़ित महिला के साथ पुलिसकर्मी अभद्र व्यवहार नहीं करना चाहती । लेकिन रोजाना महिलाओं की झुठी शिकायतों से परेशान होकर महिला पुलिसकर्मियों के व्यवहार में बदलाव आ जाता है। इसलिए कई बाद महिला पुलिसकर्मी पीड़ित पर अपनी झल्लाहट निकालती है। 
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गैंगरेप पीड़िता ने घरवाले छोड़ चुके थे साथ

gurgaon gang rape
मानेसर गैंगरेप की पीड़िता बेटी की मौत के बाद टूट चुकी थी। उसे इस बात का डर सता रहा था कि सचाई जानने के बाद उसका पति साथ छोड़ देगा। मगर पति के भरोसे ने महिला को लड़ने की ताकत दी। शादी के दो साल बाद उसे बेटी पैदा हुई। पुलिस को काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि वह बहुत ही गरीब परिवार से है। पहले ही उसने मायके वालों का विरोध कर शादी की थी। बेटी की मौत और गैंगरेप की घटना के बाद वह टूट चुकी थी। बेटी के शव के पोस्टमार्टम के दौरान जब पति ने उससे पूरी बात जाननी चाही तो उसने दर्दनाक घटना का ब्योरा दिया।

पति के भरोसे के बाद दोबारा से दंपति एक जून को मानेसर थाने गए। वहीं पुलिस की ओर से मामला दर्ज करने में डेढ़ से दो दिन की लापरवाही हुई, जिसके कारण महिला एसआई को निलंबित किया गया।
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