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गांव के सरपंच ने दिखाई ऐसी समझदारी कि एक झटके में पुलिस के हाथ लगे गुरुग्राम गैंगरेप आरोपी

Thu, 08 Jun 2017 04:56 PM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, गुरुग्राम
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- फोटो : सुदर्शन/अमर उजाला
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गुरुग्राम के मानेसर में नौ दिन पहले हुए गैंगरेप व हत्या में पुलिस एक आरोपी को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन आरोपियों को पुलिस ने नहीं, बल्कि गांव के सरपंच और ऑटो यूनियन के प्रधान ने पकड़वाया है।
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एक आरोपी के गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। वहीं, गैंगरेप के आरोपी अपनी पहचान छुपाने को लेकर महिला के सामने नाम बदलकर बुला रहे थे। उन्होनें जयकेश को हरी नाम से बुलाकर खाना लाने के लिए कहा था।

गंभीर मामले में भी पुलिस ने संजीदगी से काम नहीं लिया। दो आरोपियों की सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर पहुंचने की जहमत नही उठाई। उल्टे सूचना देने वाले को ही थाने में बुला लिया।
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इसके बाद पुलिस सूचना देने वालों के साथ जब मौके पर पहुंची तो वहां से आरोपी फरार हो चुका था। इस खुलासे से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे है। बता दे कि बांसकुसला गांव के सरपंच अजीत के पास दोनो आरोपी बुधवार सुबह दस बजे उनके कार्यालय पर पहुंचे।

दोनों ने माना हमसे गलती हुई

- फोटो : सुदर्शन/अमर उजाला
दोनों आरोपी योगेंद्र और अमित ने संरपच को वारदात के बारे में बताया कि उनसे गलती हो गई है। उस पर संरपच ने अपने ऑटो यूनियन प्रधान व छोटे भाई जितेंद्र को कार्यालय पर बुलाया। उसके बाद दोनो भाइयों ने मिलकर योगेंद्र और अमित से पूरा घटनाक्रम पूछा। 

सरपंच ने आरोपियों को आश्वासन दिया। इसके बाद सरपंच ने एसीपी मानेसर धर्मवीर को फोन किया और उनके भाई जितेंद्र ने एसएचओ मानेसर नरेंद्र को फोन किया। जिसके बाद पुलिस तत्काल कार्रवाई करने के बजाए  दोनो भाईयों को थाने बुला लिया।

इस दौरान आरोपी अमित सरपंच के कार्यालय से फोन बहाना लेकर फरार हो गया। तीनों दोस्त सरपंच के ही मकान में किराये पर रहते थे। दोनो आरोपी 12 दिन पहले ही बुंलदशहर से नौकरी की तलाश में गुरुग्राम आये थे।

पूरे मामले में पुलिस आयुक्त ने आइएमटी थाने में तैनात एसआइ सुमन को दोषी मानते हुए मंगलवार को निलंबित कर दिया था । सुमन के पास महिला हेल्प डेस्क की भी जिम्मेदारी है, लेकिन सुमन ने गंभीरता से जांच नहीं की। मामला एसीपी के पास पहुचनें के बाद गैंगरेप की धारा जोड़ी गई है। पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने महिला एसआई के खिलाफ विभागीय  कारवाई शुरू कर दी है।
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कब-क्या हुआ?

- फोटो : सुदर्शन/अमर उजाला
टाइम लाइन ...
-29 मई की शाम को आलिया घर पर सीढ़ी से गिरी।
-7 बजकर 30 मिनट पर पड़ोसी से मारपीट में महिला घायल
-8 बजे रात में पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी।
8 बजकर 30 मिनट पर पति घर से गायब और 9 बजे पत्नी को आनन-फानन में कमरा छोड़ने को कहा। 
-9 बजकर 30 मिनट पर महिला बच्ची के साथ खाड़सा जाने के लिए आईएमटी चौक निकली। 
-11.30 बजे कैंटर से लिफ्ट लेकर टोल प्लाजा की ओर निकली। 
-12 बजे के लगभग पैदल ऑटो चालकों से मिली। 
-वह चार बजे तक उनके चंगुल में रही। सुबह सुपरवाइजर की मदद से खांडसा गांव पहुंची। 
-30 मई की अल सुबह खाड़सा से तुगलकाबाद गई। 9 बजे पति थाने में जा कर सूचना दी कि बच्ची की हत्या हुई है। 
- 2 बजे महिला तुगलकाबाद से एमजी रोड मेट्रो स्टेशन पर इंस्पेक्टर नरेन्द्र मिले। 
-30 की रात को पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। 
-31 मई को पीड़िता ने पति से गैंगरेप की बात बताई। जिसके बाद वह पुलिस में गई। 
-पुलिस ने गैंगरेप की धारा दर्ज करने में दो दिन की देरी की। 
-3 मई की रात को मेडिकल व 164 के बयान दर्ज होने के बाद गैंगरेप का मामला दर्ज हुआ। 
-पांच मई को सुर्खियों में आया। - छह मई को पुलिस ने तीन आरोपियों का स्केच जारी करने के साथ महिला एसआई को निलंबित किया। इसके साथ ही जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। 
- 7 मई को 12 बजे पुलिस ने बांसकुसला गांव से एक आरोपी को गिरफ्तार किया।  
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