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मानवाधिकार आयोग तक पहुंची दिल्ली पुलिस की शर्मनाक करतूत, 'न्यूड परेड' पर भेजा कमिश्नर को नोटिस

Tue, 22 May 2018 05:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में एक वांटेड अपराधी को उसके बाथरूम से गिरफ्तार कर दिल्ली की सड़कों पर न्यूड परेड कराने के मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की शर्मनाक हरकत को देखते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस भेजा है।
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मानवाधिकार आयोग का मानना है कि जिस तरह उसे पूरे समाज के सामने नग्न अवस्था में परेड कराया और उसकी बेइज्जती करते हुए और अपशब्द कहते हुए पुलिस स्टेशन ले गए वो पूरी तरह से निंदनीय है।

अब दिल्ली पुलिस कमिश्नर को इस मामले में मानव अधिकार आयोग के नोटिस का जवाब देना होगा। यह घटना दिल्ली के इंद्रपुरी की  है।

क्या है पूरा मामला

- फोटो : अमर उजाला
कई मामलों में कोर्ट से फरार चल रहे आरोपी विरेंद्र को  दिल्ली पुलिस ने नग्न अवस्था में गिरफ्तार किया और सड़क पर घुमाते हुए थाने ले गई।  पुलिस की यह घिनौनी करतूत मार्केट में कई जगह लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।

इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी चुप्पी साधी हुई है।  घटना के बाद से विरेंद्र डिप्रेशन का शिकार हो गया है, कोर्ट में पेशी के दौरान उसने आत्महत्या करने की धमकी दी है।

जानकारी के मुताबिक,  इंद्रपुरी थाना पुलिस कोर्ट में चल रहे एक मामले को लेकर आरोपी विरेंद्र को पकड़ने के लिए इंद्रपुरी पुनर्वास कॉलोनी पहुंची। टीम में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं।

बताया जा रहा है कि विरेंद्र  बाथरूम में नहा रहा था। जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो वह तौलिया पहनकर ऊपर की मंजिल से नीचे उतरने की कोशिश करने लगा। ऊपर की मंजिल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे ऊपर खींचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस नाकाम रही।
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी वहां से कूदकर भागने की कोशिश कर रहा था। ऊपरी मंजिल से छलांग लगाने के दौरान उसका तौलिया गिर गया। वह नग्न अवस्था में जमीन पर गिरा, जहां पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया।

उसके बाद पुलिस उसे बगैर कपड़ा पहनाए ही सड़क के रास्ते खींचते हुए थानेे की ओर ले जाने लगी।  कपड़े नहीं पहनाने की बात पर पुलिस का कहना है कि गिरफ्त में आने के बाद भी आरोपी उठा पटक कर भागने की कोशिश कर रहा था।

इसकी वजह से उसे कपड़ा पहनाना मुमकिन नहीं हो रहा था। उधर, परिजनों का आरोप है कि पुलिस का मकसद ही विरेंद्र को बेइज्जत करने का था, जहां एक दर्जन पुलिसकर्मी मौजूद थे, वहां एक व्यक्ति उनपर कैसे भारी पड़ गया। विरेंद्र इलाके का घोषित बदमाश है और कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। 
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