कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उमर ने कहा, आज मैं सिर्फ एक बात करूंगा ... मेरी दस्तार, मेरी इज्जत, मेरी यह टोपी - इसकी रक्षा कीजिये, इसकी इज्जत रखिये और मुझे एक बार मौका दें, अपनी खिदमत करने का। आज मैं हाथ जोड़ता हूं कि मेरी यह गुजारिश सभी वोटरों तक पहुंचाएं। इस दौरान पार्टी समर्थक बार-बार उमर अब्दुल्ला से उनके टोपी वापस सिर पर रखने की अपील करते दिखे।
उमर ने कहा, 16 साल पहले इसी तरह गांदरबल आया था। मैंने कागज (नामांकन) भरे और गांदरबल के लोगों ने मुझे उनकी नुमाइंदी करने का मौका दिया। आज अपने आपको फिर से गांदरबल के लोगों के सामने पेश कर रहा हूं। इस उम्मीद के साथ कि जिस तरह से पहले खिदमत करने का मौका मिला, उसी तरह इस बार भी मिले।
पार्टी के पूर्व विधायक इश्फाक जब्बार समेत उनके आलोचकों द्वारा उन्हें बाहरी बताए जाने के सवाल पर उमर ने कहा कि गांदरबल के लोगों ने उन्हें पहले तीन बार संसद और एक बार विधानसभा के लिए चुना है। इस चर्चा को छोड़ दें। जब्बार तभी विधायक बने, जब मैंने उन्हें सीट दी। मैने उनसे ऐसा करने के लिए वादा किया था। अगर मैं 2014 में यहां से चुनाव लड़ता, तो वह नहीं जीतते।
भाजपा पर निर्दलियों के समर्थन का लगाया आरोप
उमर ने आरोप लगाते हुए कहा, भाजपा कश्मीर से अधिक से अधिक निर्दलीय उम्मीदवारों को जिताने की कोशिश कर रही है, ताकि सरकार बनाने में वह उनकी मदद ले सके। कहा, जब परिणाम घोषित होंगे तो न तो भाजपाऔर न ही उसकी चालें सफल होंगी। उन्होंने कहा कि यह देखना बाकी है कि इन निर्दलीय उम्मीदवारों का एजेंडा क्या है। वे जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए क्या हासिल करना चाहते हैं।