उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के आरोप में गिरफ्तार पिंजरा तोड़ ग्रुप और जेएनयू की छात्रा नताशा नरवाल के खिलाफ दिल्ली पुलिस अब यूएपीए के तहत कार्रवाई कर रही है। सूत्रों का कहना है कि स्पेशल सेल ने नताशा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
पिछले सप्ताह जाफराबाद थाना पुलिस ने फरवरी माह में हुई हिंसा के मामले में पिंजरा तोड़ ग्रुप की नताशा नरवाल ओर देवांगना को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। लेकिन दोनों को जमानत मिल गई थी।
बाद में अपराध शाखा ने एक अन्य मामले में दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। कार्रवाई की सोशल मीडिया पर आलोचना भी हुई थी। जांच के बाद पुलिस ने नताशा के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत कार्रवाई का फैसला किया है।
इससे पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार पिंजरा तोड़ संगठन की महिला कार्यकर्ताओं को रविवार को जमानत दे दी गई थी। हालांकि इसके फौरन बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए दो दिन का रिमांड ले लिया था।
नताशा नरवाल और देवांगना कलीता जेएनयू की छात्राएं हैं। कलीता सेंटर फॉर वीमेन स्टडीज में एमफिल, जबकि नरवाल सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज की पीएचडी की छात्रा है। दोनों पिंजरा तोड़ संगठन की संस्थापक सदस्य हैं। इन दोनों के खिलाफ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, जाफराबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच द्वारा तीन मामलों में जांच की जा रही है।