मेवात में चार अक्तूबर को होने वाले इस्लामिक जलसे के मद्देनजर बुधवार को क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने एसडीएम के मार्फत हरियाणा के चुनाव आयुक्त व प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सरकार एवं चुनाव आयुक्त से मांग की है कि गांव नावली में चार अक्तूबर के जलसे को देखते हुए चुनाव की तारीखों में फेरबदल किया जाए। इस क्रम में एसडीएम ने लोगों को आश्वासन देते हुए उनकी मांग का समर्थन किया है।
बता दें कि बीते दिन हरियाणा चुनाव आयोग ने प्रदेश में पंचायत चुनावों की औपचारिक घोषणा कर दी थी। इसमें मेवात के फिरोजपुर झिरका, नगीना तथा पुन्हाना में चार अक्तूबर को चुनाव तय किया गया था।
चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होते ही मेवात में इसको लेकर चौतरफा विरोध होना शुरू हो गया था। विरोध के पीछे का कारण मेवात में चार अक्तूबर को सबसे बड़ा इस्लामिक जलसा होना है।
इस बीच मेवात के नाराज लोगों ने बुधवार को एकजुट होकर चुनावों की तारीखों में बदलाव के मकसद से एक विशाल जुलूस निकालकर फिरोजपुर झिरका के एसडीएम को एक ज्ञापन दिया।
इस दौरान क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भारी संख्या में भाग लिया। वहीं पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद ने कहा कि चुनाव आयोग और सरकार को मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं की कदर करनी चाहिए, इसलिए आयोग को दूसरी तारीख देनी चाहिए, अन्यथा मेवात के लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे और चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
पूर्व मंत्री ने भी भेजा आग्रह पत्र
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने भी बुधवार को स्थानीय लघु सचिवालय में उपायुक्त अशोक सांगवान के माध्यम से पंचायती आम चुनाव को लेकर एक पत्र मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजा है।
इसमें चार अक्तूबर को जिले के तीन विकास खंडों पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका और नगीना में पंचायत आम चुनाव कराए जाने की बात कहते हुए इस तारीख को बदलने का आग्रह किया है।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि चार अक्तूबर को फिरोजपुर झिरका विकास खंड के गांव नावली में पूरे जिले की तरफ से इस्लामिक जलसा होने जा रहा है।
यह जलसा लंबे समय से इसी दिन आयोजित हो रहा है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के धार्मिक गुरू हजरत मौलाना शाद व अन्य धर्म गुरू शामिल होते हैं।
इसमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लाखों लोग शामिल होने गांव नावली आते हैं। पूर्व मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस मामले में सहानुभूतिपूर्वक लोगों की धार्मिक भावनाओं को समझते हुए पंचायत आम चुनाव की तिथि चार अक्तूबर में बदलने का आग्रह किया है।
इस मौके पर इसराइल पूर्व चेयरमैन, उमर मोहम्मद पूर्व सरपंच, खुर्शीद साकरस, मौलवी कमरुदीन पाठखोरी, जुबेर अहमद अलवरी, हाजी शमशाद, इलियास खान, रफीक सरपंच भोंड़, अखतर खान भोंड़, आस मोहम्मद पूर्व चेयरमैन, मोहम्मद यूनुस, हाजी उस्मान, उमर मोहम्मद सरपंच, कमाल खान, अली मोहम्मद, रूजदार कुलडेहरा, हनीफ, हाजी कालू, रशीद मलिक सहित सैकड़ों की संख्या लोग उपस्थित हुए।