बॉलीवुड फिल्म ग्रैंड मस्ती को टीवी पर देखना हर बालिग का मौलिक अधिकार है। उसके इस अधिकार पर रोक लगाना सरासर गलत है।
जी-सिनेमा ने हाईकोर्ट में दायर आवेदन में उक्त तर्क रखते हुए फिल्म पर लगी रोक हटाने की मांग की है। अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) सहित तीन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के अलावा फिल्म पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर करने वाले 60 वर्षीय इदारा गोपीचंद को भी नोटिस जारी किया है।
अदालत ने तीनों पक्षों को 16 सितंबर तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। चैनल ने फिल्म के अधिकार खरीदने व टीवी चैनल पर दिखाने के लिए चार करोड़ रुपये खर्च किए हैं।