प्रतिभा किसी की बपौती नहीं है। परिवारिक माहौल और आसपास का परिवेश प्रतिकूल होने के बावजूद भी दृढ संकल्प के साथ कडी मेहनत से कुछ कर गुजरने का जज्बा जब मन में हो तो क्या नहीं किया जा सकता।
ऐसा ही कुछ असाधारण काम कर दिखाया है मेवात जिले के अति पिछडे गांव अहमदबास के छात्र मुर्तजा कासिम ने। एमिटी यूनिवर्सिटी के हाल ही में आयोजित हुए दिक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी स्तर पर टॉप रेंक प्राप्त करने पर रजत पदक हांसिल कर विशेष रूप से इस होनहार छात्र को समानित किया गया है।
मुर्तजा कासिम ने बीती छह फरवरी को गुड़गांव में आयोजित एमिटी यूनिवर्सिटी के दिक्षांत समारोह में बी.टेक मैकेनिकल ऑटो मैशन इंजिनियरिंग के चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में मैरिट हांसिल कर विश्वविद्यालय स्तर पर दूसरा स्थान हांसिल कर शैक्षणिक रूप से पिछडे़ मेवात का नाम रोशन किया है। मुर्तजा कासिम की इस उपलब्धि पर मेवात में खुशी का माहौल है।
मेवात के पिछडे़ गांव अहमदबास के 21 वर्षीय छात्र मुर्तजा कासिम ने 26 जनवरी 2002 को प्रदेश स्तर पर प्रतिभाखोज प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था जिसमें उन्हें महामहिम राज्यपाल द्वारा राज्यपाल पुरुष्कार देकर सम्मानित किया गया था।
इसके अतिरिक्त 2008 में मुर्तजा कासिम ने ईटीवी चैनल के राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में पुरस्कार जीता था। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा समिति द्वारा उन्हें हरियाणा गौरव पुरुष्कार से भी नवाजा जा चुका है।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी मुर्तजा कासिम ने बताया कि बचपन में उसकी अनपढ़ दादी और मां आसूबी से उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा मिली। वह चाहती थी कि जैसे वह अनपढ़ रहीं हैं उनकी आने वाली पीढ़ी पढ़ी लिखी और शिक्षित बने। और अब उनका प्रयास है कि वह अपनी मां और दादी का सपना पूरा करेगा।
वहीं सामाजिक संगठनों के लोगों ने मुर्तजा कासिम की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। वहीं मेवात के गणमान्य व शिक्षित वर्ग ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग कि है कि पिछडे़ क्षेत्र की ऐसी प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करे जिससे मेवात में शिक्षा का विकास हो सके।