शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए निगम की ओर से लोगों की राय मांगी जा रही है। इसका जवाब भी आना शुरू हो गया है। शहर के लोगों की नजर में शहर की सबसे बड़ी समस्या परिवहन और प्रदूषण है।
लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाओं में बताया है कि शहर में एक कोने से दूसरे कोने तक जाने के लिए सिर्फ ऑटो के अलावा कोई दूसरा साधन नहीं है। शहर का लगातार विकास हो रहा है। फरीदाबाद में मेट्रो भी आ चुकी है।
ऐसे में अगर किसी भी मेट्रो स्टेशन से जवाहर कॉलोनी या डबुआ कॉलोनी में जाना है तो मेट्रो स्टेशन से कोई ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा नहीं है। ऐसे में लोगों को सिर्फ ऑटो पर निर्भर रहना पड़ता है।
प्रशासन को चाहिए कि शहर में सिटी बस या इलेक्ट्रिक वाहन चलाए जाएं। स्मार्ट सिटी के लिए शहर के ट्रैफिक के काफी सुधार की जरूरत है। लोगों ने कहा है कि शहर जिस प्रकार बढ़ रहा है।
औद्योगिक नगरी होने के कारण यहां काफी संख्या में फैक्ट्रियां हैं। इनसे काफी मात्रा में धुआं और गैस निकलती है। इसके कारण शहर की आवोहवा जहरीली हो रही है।
अगर शहर को स्मार्ट सिटी बनाना है तो पहले ऐसे कारखानों और फैक्टरियों पर लगाम लगानी होगी जो ज्यादा मात्रा में प्रदूषण फैलाते हैं। इसके अलावा, शहर के लोगों का मानना है कि आज के व्यस्ततम जीवन में लोगों के पास अपने कार्यों के लिए कार्यालयों में चक्कर लगाने का समय नहीं है।
लोगों ने सुझाव दिए हैं कि प्रशासन को चाहिए कि ई गवर्नेंस को ज्यादा बढ़ाया जाए ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और उनके काम घर बैठे ही हो जाए।
इस संबंध में निगम की ओर से स्मार्ट सिटी के लिए लोगों की राय जानने के लिए करीब छह लाख फार्म शहर के लोगों को बांटे हैं। करीब डेढ़ लाख लोगों ने फार्म भरकर जमा करा दिए हैं।