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तीनों नगर निगमों ने केजरीवाल पर किया हमला

Sun, 08 Nov 2015 08:29 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ दिल्ली प्रदेश भाजपा के नेताओं के होर्डिंग वार के बाद तीनों नगर निगम के मेयर्स पद पर नियुक्त उसके पार्षद विज्ञापन जारी करने की वार में कूद पड़े है।
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तीनों मेयर्स ने शनिवार को कुछ समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी करके मुख्यमंत्री को उन्हीं की शैली में जबाव दिया। उन्होंने पिछले दिनों तीनों नगर निगम के संबंध में मुख्यमंत्री की ओर से जारी किए विज्ञापन में प्रस्तुत तथ्यों का एक-एक करके जबाव देकर दिल्ली सरकार को कटघड़े में खड़ा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

दक्षिण दिल्ली के मेयर सुभाष आर्य, उत्तरी दिल्ली के मेयर रविंद्र गुप्ता और पूर्वी दिल्ली के मेयर हर्षदीप मल्होत्रा ने अपने विज्ञापन को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विज्ञापन के झूठ का पर्दाफाश की संज्ञा दी।
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उन्होंने विज्ञापन में कहा कि संविधान के अनुसार तीनों नगर निगम की पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। दिल्ली सरकार की ओर से तीनों नगर निगम की 1179 करोड़ रुपये की तीसरी किश्त बाकी है।
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जनता के सामने सच्चाई लाने का दावा

दिल्ली सरकार के बजट के अनुसार म्युनिसिपल रिफार्म फंड के तीनों नगर निगम के 1322 करोड़ रुपये बाकी है। उन्होंने कहा कि चौथे वित्त आयोग की सिफारिशें 2013 से राजनीति के तहत लागू नहीं की जा रही है।

उसके तहत तीनों नगर निगम को छह हजार करोड़ रुपये मिलने चाहिए। दिल्ली सरकार के विभिन्न विभाग की ओर तीनों नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स के तौर पर छह सौ करोड़ रुपये बकाया है।

उन्होंने दिल्ली सरकार को घेरते हुए कहा कि विधायकों का वेतन पांच गुना बढ़ाने के लिए उसके पास पैसा है, लेकिन विधवाओं को एक हजार रुपये पेंशन और कर्मचारियों को बकाया पैसा देने के लिए फंड नहीं है।

उन्होंने यह विज्ञापन मुख्यमंत्री के पिछले दिनों दिए विज्ञापन की काट में दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने विज्ञापन में कहा था कि नगर निगम सीधे तौर पर केंद्र सरकार के अधीन है और उनको गत वर्ष से अधिक फंड दिया जा चुका है।
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