दिल्ली के क्राइम वर्ल्ड में छोटा राजन को अन्ना के नाम से भी जाना जाता है। दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-दो में रहने वाले एक व्यवसायी से छोटा राजन उर्फ अन्ना के नाम से उसके गुर्गों ने दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
व्यवसायी की शिकायत पर चितरंजन पार्क थाने में छोटा राजन व उसके गुर्गों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंप दिया गया था। इस मामले में छोटा राजन वांटेड था।
वर्ष 2011 या उससे पहले छोटा राजन ने दिल्ली में पैर जमाने की कोशिश की थी। मगर स्पेशल सेल के बहुत ज्यादा सक्रिय होने के कारण राजन दिल्ली में पैर नहीं जमा पाया था।
अन्ना के नाम से आता था राजन का फोन
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये मामला वर्ष 2011(एफआईआर नंबर 273/11) का है। जाने-माने व्यवसायी आशीष भोगवानी ग्रेटर कैलाश में रहते हैं।
उनकी लोकल शॉपिंग कॉम्पलेक्स, मजिस्द मार्केट ग्रेटर कैलाश-दो में प्रॉपर्टी थी। इस प्रॉपर्टी पर कोई विवाद चल रहा था। नवंबर, 2011 में व्यवसायी आशीष भोगवानी के पास फोन आया था।
फोन करने वाले ने व्यवसायी को बोला था ‘अन्ना का नाम तो तूने सुना ही होगा.. अन्ना ने बोला है या तो वह प्रॉपर्टी को छोड़ दे या फिर दो करोड़ रुपये की मांडवली कर ले। यानी दो करोड़ रुपये दे दे। फोन व्यवसायी के मोबाइल फोन पर विदेश से आया था।
यूं हुआ था राजन का पर्दाफाश
व्यवसायी ने इसकी शिकायत चितरंजन पार्क थाने में की थी। एफआईआर में छोटा राजन उर्फ अन्ना का नाम था। इसके बाद मामला स्पेशल सेल सेल को ट्रांसफर कर दिया गया था।
बताया जा रहा है कि स्पेशल सेल ने छोटा राजन के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में छोटा राजन दिल्ली पुलिस का वांछित बदमाश बना हुआ था।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में भी छोटा राजन को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके अलावा छोटा राजन व उसके गुर्गों के खिलाफ राजौरी गार्डन थाने में पांच मामले दर्ज थे। ये मामले भी स्पेशल सेल में ट्रांसफर कर दिए गए थे।