शहर में तैयार हो रहे वाईएमसीए मेट्रो स्टेशन का नाम बदल कर मुजेसर-वाईएमसीए किया जा सकता है।
इसका संकेत डीएमआरसी अधिकारियों ने ग्रामीणों को दिया है। मुजेसर गांव के लोगों से स्टेशन के पास का राजस्व रिकॉर्ड मांगा गया है।
इससे यह सिद्ध किया जा सके कि मुजेसर गांव ऐतिहासिक है और इसलिए इसका नाम मेट्रो स्टेशन की सूची में दर्ज किया जाना चाहिए। इसके लिए ग्रामीणों को अधिकारियों ने एक सप्ताह का वक्त दिया है।
शुक्रवार को सेक्टर-12 स्थित हुडा कार्यालय पर हुडा प्रशासक के साथ डीएमआरसी अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। इसमें मुजेसर युवा समिति के नेतृत्व में ग्रामीण भी पहुंचे।
पिछले दिनों समिति के अध्यक्ष पवन जाखड़ ने हुडा प्रशासक को बताया था कि मुजेसर गांव का इतिहास बहुत पुराना है। यह गांव मुगलों व अंग्रेजों के समय भी काफी चर्चित रहा है।
गांव की जमीन को लेकर हुडा ने औद्योगिक सेक्टरों का विस्तार किया है। ऐसे में मुजेसर गांव की जमीन पर वाईएमसीए नाम से मेट्रो स्टेशन बनाना तर्कसंगत नहीं है। मेट्रो स्टेशन का नाम मुजेसर होना चाहिए।
समिति के अध्यक्ष पवन जाखड़ ने बताया कि उनके इस सुझाव पर डीएमआरसी के अधिकारी तैयार हैं और उन्होंने वाईएमसीए के साथ मुजेसर नाम जोड़ने की हामी भर दी है। लेकिन उससे पहले गांव का राजस्व रिकॉर्ड तहसील से लाकर उन्हें सौंपना होगा।
हुडा प्रशासक सुप्रभा दहिया ने बताया कि दोनो पक्षों की बातचीत हो चुकी है। नियमानुसार जो भी संभव होगा, अंतिम फैसला डीएमआरसी अधिकारियों की ओर से लिया जाएगा।