दिल्ली की एक अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन आतंकी संगठन के दो आतंकियों तेहसीन अख्तर और जिया-उर-रहमान को जमानत देने से इनकार कर दिया।
इतना ही नहीं, कोर्ट ने इनके खिलाफ जांच पूरी करने के लिए पुलिस को 15 दिन का समय भी दिया है। जिला जज आईएस मेहता ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के उस आग्रह को स्वीकार कर लिया कि दोनों के खिलाफ जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय चाहिए।
दोनों वर्तमान में हैदराबाद स्थित दिलसुख नगर में 21 फरवरी 2013 को हुए दोहरे बम ब्लास्ट मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। इस धमाके में 16 लोग मारे गए थे। इन पर राजधानी में भी विस्फोट मामले में लिप्त होने का आरोप है।
पुलिस के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आतंकियों के खिलाफ जांच की अवधि 90 दिन सोमवार को पूरी हो गई लेकिन अभी तक फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं मिली है। अत: जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय प्रदान किया जाए। दोनों के खिलाफ 18 जुलाई के प्रोडक्शन वारंट जारी है।
वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएस खान ने आपत्ति जताते हुए कहा कि तय अवधि 90 दिन में आरोपपत्र दायर न होने पर उनके मुवक्किल कानूनन स्वयं ही जमानत के हकदार बन जाते हैं। अत: उनको जमानत प्रदान की जाए। कोर्ट ने पुलिस को अपनी जांच 29 जुलाई तक पूरी करने का समय प्रदान कर दिया।