मां ने रुपये देने से मना किया तो एक बेटे ने उसकी ईंट से कुचलकर हत्या कर दी। आरोपी मकान में काम कराने के लिए रुपये मांग रहा था। मां ने मना कर दिया था। हत्या करने के बाद आरोपी घर आ गया। बाद में भाइयों के साथ खेत पर मां को खोजने भी गया।
एसपी देहात नीरज कुमार जादौन ने बताया कि मसूरी थाना क्षेत्र के गांव इकला निवासी रामरती (65) 15 अप्रैल को खेत में गेहूं काट रही थीं। उनका बड़ा बेटा व अन्य परिवार के लोग भी खेत पर गेहूं काट रहे थे। दोपहर में सभी लोग खाना खाने के लिए घर चले आए, लेकिन रामरती खेत पर ही पेड़ के नीचे आराम करने लगी। इस दौरान रामरती का बड़ा बेटा भगत सिंह घर से साइकिल लेकर खेत पर पहुंचा और पेड़ के नीचे सो रही मां के सिर को ईंट से कुचल दिया। मौत होने के बाद वह घर लौट आया। खून से सनी शर्ट बदलकर हाथ धोये। शाम सात बजे तक रामरती खेत से नहीं लौटी तो उसने अपने दो अन्य भाई लखपत और प्रदीप को बुलाया कि आओ मां को खोजने चलते हैं।
तीनों भाई और परिवार के अन्य लोग खेत की तरफ निकल पड़े। आरोपी ने दोनों भाइयों को वारदात स्थल की तरफ भेज दिया और खुद दूसरी तरफ चला गया, जिससे किसी प्रकार का शक न हो। परिजन शव को लेकर गांव पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने परिवार के लोगों से जानकारी की और बेटों को पूछताछ के लिए उठा लिया। पूछताछ में भगत सिंह ने अपना जुर्म कबूल लिया।
मकान बनाने के लिए मांगा था रुपये
आरोपी ने बताया कि उसने मकान के ऊपर दो कमरे बनाए थे। उन कमरों में सीमेंट नहीं हुआ था। इसलिए एक लाख रुपये मांगे थे, लेकिन मां ने धेवती की शादी में रुपये देने की बात कही। कहा कि तुझे कोई रुपया नहीं दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार रामरती के नाम चार बीघा जमीन थी, जिसमें से उसने एक बीघा जमीन बेचकर बेटों के मकान बना दिए। उनके अकाउंट में करीब 4 से 5 लाख रुपये बचे थे। जिस पर भगत सिंह की नजर थी।
तड़पती रही मां, नहीं कांपे हाथ
भगत सिंह ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि जब उसने वार किए तो रामरति ने कहा था कोई तो बचा लो। वह तब तक प्रहार करता रहा, जब तक मौत नहीं हो गई। मौत के बाद शरीर को हिलाकर भी देखा।