बीबीसी हिंदी से बातचीत में ‘निर्भया’ की मां आशा देवी ने कहा है कि उनकी बेटी को सच्ची श्रद्धांजली तभी मिलेगी जब मुजरिमों को फांसी लग जाएगी।
दिल्ली में चलती बस में एक छात्रा के साथ हिंसक गैंगरेप की घटना के तीन साल पूरे होने पर आशा देवी ने कहा कि “क्राइम के लिए उम्र नहीं, सज़ा के लिए उम्र देखते हैं"।
सितंबर 2013 को अदालत ने मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता को गैंगरेप के लिए दोषी पाया था और उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी। अभियुक्त बस ड्राइवर राम सिंह जेल में मृत पाया गया था।