उन्होंने बताया कि उनका मायका बाबूगढ़ में है, लेकिन उन्हें बुलंदशहर का वीजा मिला है, इसलिए वह सिकंदराबाद में अपनी फुफिया सास के घर पर ही रह रही हैं। उनके खुद का परिवार उनसे वहीं मिलने आ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-लाहौर के बीच बस बंद करने से पहले उन्हें सूचित करना चाहिए था, ताकि वह अपने घर पहुंच पाती, लेकिन अब उन्हें यही चिंता सता रही है कि वह अपनी बेटियों के साथ कैसे अपने घर लौटेगी।
वहीं इस संबंध में डीटीसी के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दिल्ली-लाहौर बस सेवा को पाकिस्तान की ओर से बंद किया गया है, डीटीसी की तरफ से नहीं। इसलिए भारत में फंसे हुए यात्रियों की मदद सरकार ही कर सकती है।