गैंगस्टर नीरज बवाना उर्फ नीरज बवानिया उर्फ नीरज सेहरावत पुलिस कस्टडी से अपने दो साथियों को छुड़वाना चाहता था, इसलिए उसने उत्तराखंड पुलिस की कस्टडी से बागपत में अमित मलिक उर्फ भूरा को छुड़वाया था। इसके अलावा नीरज बवाना फायरिंग की भी प्रेक्टिस अपनी फैक्टरी में करता था। वह इस फैक्टरी में लोगों को बुलाकर धमकाता था और उन्हें डराने के लिए बचाकर फायरिंग करता था।
दिल्ली पुलिस केविशेष पुलिस आयुक्त (एसएन श्रीवास्तव) ने बताया कि नीरज बवाना के दो साथी अमित शुक्ला और नवीन बाली तिहाड़ जेल में बंद हैं। नीरज की साजिश यह थी कि दिल्ली पुलिस इन दोनों को पेश करने कहीं दिल्ली से बाहर ले जाएगी तब पुलिस कस्टडी से उन दोनों को छुड़वाया जाए। अमित भूरा को छुड़वाने का एक उद्देश्य एक ये भी था।
हालांकि नीतू दबोदा केउल्टे नीरज बवाना ने कभी पुलिसकर्मियों पर हमला नहीं किया। यहीं वजह है कि अमित भूरा को छुड़वाने के लिए हथियारों की बजाय मिर्ची केपाउडर का इस्तेमाल किया था। विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि नीरज बवाना व उसके मामा पूर्व विधायक रामवीर शौकीन की बवाना में तीन फैक्टरियां हैं।