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दिल्ली में दो महीने के भीतर 500 से ज्यादा धरना प्रदर्शन

Mon, 04 Apr 2022 11:48 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली 

सार

दिल्ली पुलिस ने साझा किया डाटा, धरने के वक्त की चुनौतियां बताई। पुलिस को ऐसे में काफी कठनाईयों का सामना करना पड़ता है।
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जंतर-मंतर पर धरना देते यूपीएससी प्रतियोगी - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली देश की राजधानी है, जहां पूरे देश का भविष्य बनता-बिगड़ता है। यहां विभिन्न धर्म, संप्रदाय, विचारधाराओं और काम-काज के लिहाज से विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं। यह लोग एक दूसरे के सुख-दुख में साथ रहते हैं, लेकिन कई मुद्दों पर जमकर विरोध प्रदर्शन भी करते हैं। यही नहीं, दिल्ली में देश के अन्य हिस्सों से भी लोग आकर विरोध प्रदर्शन करते हैं। इसे यूं समझा जा सकता है, कि इस साल पहले ही दो महीनों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अंदर 500 से अधिक विरोध प्रदर्शन और धरने दिए गए हैं।

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दिल्ली पुलिस द्वारा रविवार को पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक जनवरी और फरवरी में दिल्ली में 103 धरने, 49 प्रदर्शन और 349 विरोध प्रदर्शन किए गए। जनवरी में 60 राजनीतिक थे, 33 मजदूरों के मुद्दों से संबंधित, पांच युवा व छात्रों कार्यक्रम और पांच सांप्रदायिक प्रकृरति के धरने किए गए। फरवरी में 30 प्रदर्शन राजनीतिक, 13 मजदूरों के मुद्दों से संबंधित और छह सांप्रदायिक प्रकृति के धरने किए गए।

अलग-अलग धरनों की वैसी ही चुनौतियां
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दिल्ली में अलग-अलग प्रकार के धरना प्रदर्शन के कारण अलग-अलग तरह की चुनौतियां भी होती हैं। यदि सड़क के किसी विशेष हिस्से पर प्रदर्शन हो रहा है, तो इससे यातायात की समस्या होती है, जिससे यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इन धरनों के कारण पुलिस कर्मियों के लिए भी अपने कर्तव्यों का पालन करना मुश्किल हो जाता है।
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महिलाएं और बच्चे भी धरने देने में आगे
कई प्रदर्शनों में महिलाएं और बच्चे शामिल होते हैं, पुलिस उनसे उसी स्थिति के अनुसार निपटती है। पुलिस आंदोलन की वीडियोग्राफी करती है और प्रदर्शनकारियों को अनाधिकृत रूप से इकट्ठा नहीं होने के लिए आग्रह करती है। कई आंदोलन स्थलों पर विशेष रूप से महिला पुलिस कर्मियों के लिए शौचालय उपलब्ध कराना मुश्किल होता है।

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