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चीन से लाए गए केमिकल ने घोला हवा में जहर, 475 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी

Sun, 07 May 2017 02:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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gas leak in delhi school - फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
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दिल्ली के प्रह्लादपुर इलाके में शानिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब (आईसीडी इनलेंड कंटेनर) डिपो में सोनीपत से आए एक कंटेनर से बायो केमिकल (2-क्लोरो-5-क्लोरोमिथाइल) पाइरीडीन का रिसाव हो गया। पास ही स्थित दो स्कूलों के करीब 475 बच्चियां व शिक्षिकाएं जहरीली गैस की चपेट में आ गए। उन्हें उल्टी, आंखों में व त्वचा में जलन, सिर दर्द व सांस फूलने की दिक्कत होने लगी। इससे वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। 
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बच्चों और शिक्षिकाओं को चार अस्पतालों में भर्ती कराया गया। दोपहर बाद 406 बच्चों को छुट्टी दे दी गई। चार बच्चों को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है। प्रह्लादपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस की एक टीम शाम को कंटेनर को जब्त करने के लिए सोनीपत पहुंच गई थी। घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। 

प्रह्लादपुर में रेलवे कॉलोनी में रानी झांसी सर्वोदय कन्या विद्यालय व उसके बगल में राजकीय माध्यमिक कन्या विद्यालय है। रानी झांसी स्कूल के पास ही तुगलकाबाद आईसीडी डिपो है। इन स्कूलों में सुबह की शिफ्ट में ज्यादातर लड़कियां हैं। आठवीं कक्षा तक लड़के पढ़ते हैं। डिपो में दीवार के पास खड़े एक कंटनेर से सुबह करीब पौने सात बजे केमिकल का रिसाव होने से बच्चों की आंखों में जलन, उल्टी, त्वचा में जलन व सांस लेने में दिक्कत होने लगी। 
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प्रार्थना सभा में ही कुछ बच्चे बेहोश होने लगे। शिक्षिकाएं भी बेहोश होने लगी तो रानी झांसी स्कूल की प्रिंसिपल मनीषा गर्ग ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद एहतियाती उपाय शुरू किए गए और प्रभावितों  को अस्पताल भिजवाया गया।

जहरीली गैस हवा में फैलते ही लोगों ने घरों की खिड़कियां व दरवाजे बंद कर लिए। प्रशासन ने स्कूल को खाली कराना शुरू कर दिया। पीसीआर वैन, कैट्स एंबुलेंस व स्थानीय लोगों ने बच्चों को बत्रा, मजीदिया, ईएसआई व अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ बच्चे घर चले गए थे। कैट्स एंबुलेंस दोपहर बाद तक अस्पताल में बच्चों को भर्ती कराती रही। एसडीएम कार्यालय ने 475 बच्चों व नौ शिक्षकों को चार अस्पतालों में भर्ती कराने की पुष्टि की। 

कहां से आया था केमिकल?

gas leak in delhi school - फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
कंटेनर में भरा केमिकल चीन से आया था और कस्टम क्लियरेंस के लिए आईसीडी डिपो पहुंचा था। दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिला डीसीपी रोमिल बानिया समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।    

दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी रोमिल बानिया का कहना है कि केमिकल सोनीपत स्थित एग्री फर्म क्रिस्टल क्रॉप ने चीन से आयात किया था। यह कंपनी इससे कीटनाशक बनाती है। इसी कंटेनर से केमिकल लीक हुआ है। जांच में जिसकी भी गलती सामने आएगी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में ये भी देखा जाएगा कि केमिकल कंटेनर या उसमें रखे ड्रम से कैसे रिसाव हुआ है। घटना के बाद इलाके को सील कर दिया गया था। 

गैस रिसाव से दम घुटना महसूस होते ही रेलवे कॉलोनी व आसपास के इलाके में दहशत फैल गई थी। घटनास्थल से करीब एक किमी तक रहने वाले स्थानीय लोगों को घरों को छोड़कर इलाके को खाली करने के लिए कहा गया। 
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डिपो पर कुछ हुआ तो किसकी जिम्मेदारी? 

DELHI GAS LEAK
तुगलकाबाद कंटेनर डिपो करीब 44 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसमें करीब 900 कंटेनर रोजाना दूसरे देशों से आते या आयात होते हैं। वहीं इस डिपो से 400 कंटेनर बाहरी देशों को एक्सपोर्ट यानी निर्यात किए जाते हैं। निगम बाहर से आने वाले कंटेनर्स को सिर्फ जगह मुहैया कराता है जबकि कंटेनर्स और उसमें मौजूद सामाग्री की जांच कस्टम विभाग करता हैं। उसके क्लीयरेंस के बाद डिपो में कंटेनर को जगह दी जाती है। 

ऐसे में कंटेनर में क्या रखा है यह निगम को नहीं मालूम होता है बल्कि कस्टम विभाग ही इसकी जानकारी रखता है। निगम और कस्टम एक दूसरे पर भले ही आरोप-प्रत्यारोप मढ़ें लेकिन 400 बच्चों का जीवन इस नीति के चलते ही दांव पर था।    
    
कस्टम विभाग के जरिए भेजे गए कंटेनर की सुरक्षा को लेकर भी सवालिया निशान खड़े हुए हैं। प्रत्येक कंटेनर की सामग्री से सैंपल निकालकर लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जाता है। ऐसे में जब यह रसायन खतरनाक था तो इसकी सुरक्षा और एहतियात के लिए क्या किया गया? इस पर अभी तक किसी की ओर से जवाब नहीं दिया गया है।   
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