दिल्ली हाई कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश लीला सेठ का शनिवार को निधन हो गया। 86 साल की जस्टिस लीला सेठ कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। नोएडा स्थित अपने घर में उन्होंने अंतिम सांस ली। मशहूर लेखक विक्रम सेठ उनके बेटे हैं।
जस्टिस लीला सेठ ने अपना शरीर दान किया था। ऐसे में उनकी इच्छा के मुताबिक, उनके पार्थिव शरीर को वैज्ञानिक शोध के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
जस्टिस लीला सेठ 1958 में लंदन बार एग्जाम में टॉप करने वाली पहली महिला बनीं। उन्होंने पटना लॉ कॉलेज में करीब 10 साल तक प्रैक्टिस की। 5 अगस्त, 1991 को वह किसी राज्य के हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बनने वाले पहली महिला भी थीं।
साल 2000 में वह भारतीय विधि आयोग में नियुक्त हुईं। उन्होंने हिंदू उत्तराधिकार कानून में बदलाव कराने में उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाईं। इसके माध्यम से बेटियों को पारिवारिक संपत्ति में हिस्से का अधिकार मिला।
लीला सेठ ने वकालत के दौरान बड़ी तादात मे इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स, एक्सिस ड्यूटी और कस्टम संबंधी मामलों के अलावा सिविल कंपनी और वैवाहिक मुकदमे भी किए।