राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वर्ष 2015 से नवंबर 2018 के दौरान 27,356 बच्चे गुम हुए। इनमें से पुलिस ने 19,596 बच्चों को ढूंढ निकाला। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने बुधवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने सभी जिलों में और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में मानव तस्करी निरोधक इकाइयां बनाई गई हैं। ये इकाइयां गुम हुए 3 से 8 साल के बच्चों को तलाश करने और इन बच्चों का अपहरण करने में शामिल संगठित गैंग की पहचान का काम करती हैं।
दिल्ली पुलिस की ओर से उपलब्ध करवाए गए आंकड़ों के अनुसार अकेले वर्ष 2018 में 30 नवंबर तक 6,053 बच्चे गुम हुए। इन मामलों में 588 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 2015 में बच्चों के गुम होने के 7,126 मामले दर्ज हुए थे। इनमें 1,215 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2016 में 6,921 और 2017 में 6454 बच्चे गुम हुए थे।